एक साल में 21 दोषियों को मिली मृत्युदंड की सजा
राज्य की कानून व्यवस्था बनाए रखने में अभियोजन विभाग का योगदान महत्वपूर्ण है। दोषियों को कडी सजा दिलाने में अभियोजन अधिकारियों ने पुलिस का मामला प्रमाणित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अपराधियों को सजा दिलाने में मध्यप्रदेश अब देश का अग्रणी राज्य बन गया है।
इस उपलब्धि के लिये अमेरिका की संस्था 'गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड' द्वारा प्रदेश को देश के प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। गृह मंत्री श्री बच्चन ने संचालक लोक अभियोजन श्री राजेन्द्र कुमार को पुलिस प्रशिक्षण एवं शोध संस्था में यह पुरस्कार सौंपा।गृह मंत्री बाला बच्चन ने बुधवार को पीटीआरआई के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में यह बात कही।
कार्यक्रम में दोषियों को अधिकतम सजा दिलाने वाले 57 अभियोजन अधिकारियों को सम्मानित किया गया। संचालक लोक अभियोजन राजेन्द्र कुमार ने इस अवसर पर बताया कि प्रदेश में इस साल पहली बार 21 मामलों में दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है। यह अदालतों में पैरवी करने वाले अभियोजन अधिकारियों की कडी मेहनत का परिणाम है।
अभियोजन विभाग की जनसंपर्क अधिकारी सुधा विजय सिंह भदौरिया ने बताया कि अभियोजन अधिकारियों के कार्यो के मूल्यांकन के लिए एमपी प्रासीक्यूशन पर्फोमेंस इवेलुएशन सिस्टम शुरू किया गया है। इसके माध्यम से उत्कृष्ठ कार्य करने वाले अभियोजन अधिकारियों को सम्मानित किया गया। संचालक लोक अभियोजन राजेन्द्र कुमार ने बताया कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहाँ लोक अभियोजन अधिकारियों के कार्य का मूल्यांकन 'एप' के जरिये प्रतिदिन, प्रतिमाह और प्रतिवर्ष किया जाता है।
सम्मानित अधिकारी
लोक अभियोजन वार्षिक पुरस्कार 2018 में अभियोजन गौरव का पुरस्कार - श्रीमती अनीता भरतिया, श्री अमित कुमार शुक्ला, श्रीमती मौसमी तिवारी और श्री उदयभान रधुवंशी को दिया गया। सर्वोत्तम उप संचालक अभियोजन जिले का पुरस्कार श्री श्याम लाल कोष्टा (सतना), जगपाल सिंह तोमर (खरगोन) सहायक लोक अभियोजन अधिकारियों में श्रीमती ज्योति गुप्ता (इंदौर), सीमा शर्मा (रतमाल), डॉ. रश्मि वेवम शर्मा (मुरैना) सहित 14 मास्टर ट्रेनर को पुरस्कृत किया गया।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2NJKHKr
via
No comments