BJP सरकार के नियुक्तियों की खुली पोल, संघ और चहेतों को नियम दरकिनार कर बांटी नौकरी
भोपाल. पिछली शिवराज सरकार में भाजपा नेताओं के चहेतों और रिश्तेदारों पर कृपावृष्टि का नया खुलासा हुआ है। यह मामला संस्कृति विभाग के राज्य नाट्य विद्यालय और संस्कृति परिषद से जुड़ा है। यहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और पूर्व मंत्री के चहेतों और रिश्तेदारों को आरक्षण नियम दरकिनार कर नौकरी पर रखा गया। ये नियुक्ति एक साल के संविदा के तौर पर थी, जिसे पांच साल से बढ़ाया जाता रहा।
जबकि, एमपीपीएससी से बाहर वाले इन पदों को फरवरी 2014 में ही समाप्त हो जाना था। अव्वल तो ये कि भाजपा सरकार ने चुनाव के ऐन पहले जुलाई 2018 में इनका मानदेय सीधे 50 फीसदी बढ़ा दिया। सत्ता परिवर्तन के बाद इनके खिलाफ शिकायतों के कागज दौडऩे लगे हैं।
‘लक्ष्मी’ की रही कृपा
ये नियुक्तियां उस समय हुईं, जब लक्ष्मीकांत शर्मा संस्कृति मंत्री थे। उनके करीबी व रिश्तेदारों को नौकरी का मौका मिला। ये नियुक्तियां फरवरी 2013 में हुईं। लक्ष्मीकांत अगस्त 2013 के बाद व्यापमं कांड में घिर गए। इसके बाद वे नवंबर 2013 में चुनाव हार गए।
ये हुआ नियमों के खिलाफ
- 15 फरवरी 2013 को एक साल के लिए संविदा नियुक्ति की गई थी। ये अवधि हर साल बढ़ाई गई। जीएडी के छह अक्टूबर 2013 के आदेश के तहत ये पद 20 फरवरी 2014 में समाप्त कर नियमित भर्ती की जानी थी।
- सभी सात पदों पर सामान्य वर्ग से नियुक्ति की। अजा-जजा कर्मचारी संघ ने जून 2018 में शिकायत की थी। अब फिर शिकायत हुई है।
- लेखा सहायक पद पर नियमित नियुक्ति का नियम है, लेकिन यहां संविदा कर्मचारी को रखा गया। इस पद पर विभाग या विभाग की संस्थाओं से ही प्रतिनियुक्ति पर तैनाती हो सकती है। संविदाकर्र्मी को छह साल से वित्तीय जिम्मेदारी दी गई। शिकायत हुई तो इस पर जांच में निगेटिव मार्क भी लिखे गए, पर कार्रवाई नहीं हुई।
- संविदा कर्मचारी को मूल भर्ती नियमों में मानदेय के अलावा आवास, फोन और अन्य भत्तों की पात्रता नहीं थी, लेकिन बाद में भत्ते देना शुरू कर दिए गए। इसकी शिकायत भी हुई, लेकिन कार्रवाई नहीं।
कौन किसका करीबी
- शशांक शर्मा, रजिस्ट्रार : लक्ष्मीकांत शर्मा के रिश्तेदार।
- विभा शर्मा, डिप्टी रजिस्ट्रार: लक्ष्मीकांत की करीबी।
- मेहुल जैन, कार्यपालिक लेखा: वन्या के पूर्व लेखाधिकारी मनोहर लाल जैन के पुत्र।
- तरुण दत्ता पाण्डेय, तार्किक एवं निर्माण प्रबंधक : वन्या प्रकाशन के पूर्व कर्मचारी। तत्कालीन एमडी के करीबी।
- आनंदप्रकाश मिश्रा, तार्किक एवं निर्माण सहायक : तत्कालीन संस्कृति संचालक आइएएस के रिश्तेदार।
(इनका लिखित शिकायत में उल्लेख है।)
- विभा शर्मा, डिप्टी रजिस्ट्रार: लक्ष्मीकांत की करीबी।
- मेहुल जैन, कार्यपालिक लेखा: वन्या के पूर्व लेखाधिकारी मनोहर लाल जैन के पुत्र।
- तरुण दत्ता पाण्डेय, तार्किक एवं निर्माण प्रबंधक : वन्या प्रकाशन के पूर्व कर्मचारी। तत्कालीन एमडी के करीबी।
- आनंदप्रकाश मिश्रा, तार्किक एवं निर्माण सहायक : तत्कालीन संस्कृति संचालक आइएएस के रिश्तेदार।
(इनका लिखित शिकायत में उल्लेख है।)
मैं कुछ नहीं कह सकता। मैंने कोई नियुक्ति नहीं की। नियुक्ति सही है या गलत ये शासन जाने। मेरे खिलाफ भी कोई शिकायत है तो मुझे जानकारी नहीं। शासन खुद निर्णय करें।
- आलोक चटर्जी, डायरेक्टर, राज्य नाट्य विद्यालय
मैं इस मामले में कुछ भी कहने के लिए मैं सक्षम और अधिकृत नहीं हूं। आप डायरेक्टर से बात करिए।
- शशांक शर्मा, रजिस्ट्रार, राज्य नाट्य विद्यालय
- शशांक शर्मा, रजिस्ट्रार, राज्य नाट्य विद्यालय
अब सेवावृद्धि प्रस्ताव और शिकायत भी
सभी संविदाकर्मियों की सेवा 15 फरवरी 2019 को खत्म हो गई हैं, क्योंकि एक-एक साल के लिए सेवा बढ़ाई जा रही थी। अब एक बार फिर इनकी सेवा एक साल बढ़ाने का प्रस्ताव विभाग को भेजा गया है। इसके साथ ही इनके खिलाफ शिकायतें भी विभाग में हुई हैं।
आरएसएस कनेक्शन ऐसा
नाट्य विद्यालय के डायरेक्टर आलोक चटर्जी को आरएसएस के महाराष्ट्र प्रभारी का करीबी माना जाता है। इनकी नियुक्ति व्याख्याता एक्टिंग के पद पर हुई थी, लेकिन आरएसएस कनेक्शन के कारण इन्हें डायरेक्टर बनाया गया।
भाजपा सरकार में खूब गड़बडिय़ां हुई हैं। इन गड़बडिय़ों को हम दुरुस्त करेंगे। अभी शिकायत नहीं मिली है, लेकिन संस्कृति विभाग में ऐसे सारे मामलों की जांच कराई जाएगी।
- विजयलक्ष्मी साधौ, मंत्री, संस्कृति विभाग
- विजयलक्ष्मी साधौ, मंत्री, संस्कृति विभाग
पूरे मामले का पता कराती हूं। इसकी जांच की जाएगी। यदि कहीं पर कोई गड़बड़ी है तो कार्रवाई की जाएगी।
- रेणु तिवारी, प्रमुख सचिव, संस्कृति विभाग
- रेणु तिवारी, प्रमुख सचिव, संस्कृति विभाग
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2HjEN19
via
No comments