नशे के सौदागरों ने कॉलेज व स्कूल गल्र्स को बना रखा है ड्रग पैडलर, खपा रहे ड्रग्स
भोपाल. ड्रग के सौदागरों ने पुलिस से बचने के लिए स्कूल-कॉलेज गल्र्स को अपने गिरोह में शामिल कर लिया है। क्राइम ब्रांच ने शहर की ऐसी 15 से अधिक लड़कियों को चिह्नित किया है, जो इन गिरोह के इशारे पर शैक्षणिक संस्थानों में छात्र-छात्राओं को नशीली दवा, ड्रग उपलब्ध कराने का काम कर रही हैं। इन पर शिकंजा कसने के लिए क्राइम ब्रांच ने ड्रग इंस्पेक्टर के साथ टीम गठित की है। टीम प्रतिबंधित नशीली दवा, ड्रग उपलब्ध कराने वाले तस्करों की धरपकड़ करेगी।
17 साल की किशोरी को बचाया
शहर के एक प्रतिष्ठत स्कूल में पढऩे वाली 17 वर्षीय किशोरी को ड्रग तस्करों ने ड्रग पैडलर बना रखा था। क्राइम ब्रांच को जब मुखबिर से इसका पता चला कि किशोरी ड्रग की आदी हो गई है, वह न सिर्फ ड्रग का सेवन कर रही, बल्कि अन्य लड़कियों को ड्रग उपलब्ध भी करा रही है। पुलिस ने पहले भरोसे में लिया, फिर काउंसिलिंग की। इसके बाद ड्रग सप्लायर के बारे में पूछा। दो दिन तक किशोरी पुलिस का सहयोग करती रही। इसी बीच 25 मार्च की देर रात किशोरी घर से लापता हो गई। वह चुपके से ड्रग सप्लायर के पास पहुंच पुलिस की पूरी प्लानिंग के बारे में बता दिया। अगले रोज पुलिस ने जब उसे बुलाया तो उसने बताया कि ड्रग के नशे में आकर उसने सप्लायर को सब कुछ बता दिया है। किशोरी के परिजन भी काफी परेशान हैं।
रसूखदार भी शामिल
नशे की इस कारोबार में कई रसूखदारों की लिप्तता का भी पुलिस को पता चला है। जो पर्दे के पीछे रहकर नशे का कारोबार करा रहे हैं। अब पुलिस ऐसे रसूखदारों के नाम भी सामने लाएगी जो इस तरह के धंधे में लिप्त हैं।
सिन्थेटिक ड्रग का बड़ा कारोबार
शहर में सिन्थेटिक ड्रग का बड़ा कारोबार है। पुलिस इन ड्रग सप्लायरों को चिह्नित किया है। जो युवाओं को स्मैक, ब्राउन शुगर, एमडीएम उपलब्ध करा रहे हैं। इनके निशाने पर शैक्षणिक संस्थानों के युवा हैं। जिनमें से कई युवा इन ड्रग सप्लायर के पैडलर हैं। सप्लायर इन्हें ही ड्रग उपलब्ध कराते हैं।
युवा कर रहे प्रतिबंधित दवाओं का उपयोग
पुलिस को नशा तस्करी से जुड़े मुखबिरों ने बताया कि युवा सबसे अधिक प्रतिबंधित दवाओं का उपयोग नशे के लिए कर रहे हैं। इनमें कई दवा व्यापारी हैं, जो ड्रग पैडलर को दवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इनमें खासकर स्पास्मो प्रॉक्सीवान, नाइट्रावेट, एमवीटामइन, एंटी एलर्जिक टेबलेट ऐविल, नॉरफिन एंपुल, नाइट्रोसिन टेबलेट, आयोडेक्स, कॉरेक्स व फोर्टवीन का उपयोग कर रहे हैं। इसमें से नॉरफिन व नाइट्रोसिन प्रतिबंधित हैंं।
पुलिस को हालही में जानकारी मिली थी कि ड्रग्स तस्कर युवतियों के जरिए नशे का धंधा कर रहे हैं। इसके लिए ड्रग इंस्पेक्टर के साथ कार्रवाई की जाएगी।
- निश्चल एन. झारिया, एएसपी, क्राइम ब्रांच
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