भारी सुरक्षा के बीच विवादित पार्क का दोबारा किया लोकार्पण, बुलाने पर भी नहीं पहुंचे विधायक सारंग
भोपाल. अशोका गार्डन स्थित परिहार चौराहा पर राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा बनाए गए विवादित स्वामी विवेकानंद पार्क का गुरुवार को लोकार्पण कर दिया गया है। लोकार्पण समारोह के लिए मौके पर भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया था। कोई विवाद न खड़ा हो, इसलिए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर वज्र की मुस्तैदी भी की थी। पार्क के चारों तरफ सुरक्षा कड़ी कर दी थी। हालांकि विवाद की नौबत नहीं आई। ज्ञात हो कि इस पार्क का ३ मार्च को क्षेत्रीय विधायक विश्वास सारंग ने उदघाटन कर दिया था। इसके बाद राजधानी परियोजना प्रशासन ने सारंग के खिलाफ प्रकरण दर्ज भी करवाया गया था।
कार्यक्रम में पुलिस बैंड की धुन पर देशभक्ति गीत सुनाए गए। इसका उदघाटन करने के लिए प्रभारी मंत्री डॉ गोविंद सिंह का नाम भी था, लेकिन वे भी नहीं पहुंचे। जन संपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने ही लोकार्पण किया है। राजधानी परियोजना प्रशासन ने शिला पट्टिका पर डा.़ गोविंद सिंह, पीसी शर्मा और विधायक सारंग का नार्म अंकित किया गया, लेकिन मौके पर सिर्फ पीसी शर्मा ही पहुंचे थे।
शर्मा बोले, जहां पार्क ने आकार लिया वहां गुंडे पलते थे
पीसी शर्मा ने कहा कि जिस जगह पार्क विकसित किया गया है, वहां पहले गुंडे-बदमाश बैठा करते थे। उन्होंने विधायक सारंग को कहा कि तीन महीने पहले जो मंत्री रहा हो, उसे यह भी ज्ञान नहीं कि भूमि पूजन, लोकार्पण जैसे आयोजन प्रशासन करवाता है। लेकिन विधायक की हेसियत से सारंग ने ही नियम विरुद्ध उदघाटन कर दिया।
उन्होंने सीपीए के इंजीनियरों को कहा कि गुंडे-बदमाशों से वे डरे नहीं, बल्कि उनसे लड़े सरकार आपके साथ है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उन्होंने कहा कि वे जिस तरह से फर्जी तरीके से पार्क का लोकर्पण किया उस तरह के फर्जीाड़ा करने वालों से डरे नहीं, पूरी ताकत के साथ उनसे लड़े। शर्मा ने कहा कि इस क्षेत्र में पहले गुंडाराज, जुआराज, सट्टाराज फल रहा था, लेकिन कांग्रेस सरकार आने के बाद यहां के सारे
धंधे बंद हो गए हैं। उन्होंने कहा कि हमने क्षेत्रीय विधायक को भी बुलाया, लेकिन वे नहीं आए।
4 करोड़ की लागत की सडक़ का भूमि पूजन
पार्क के सामने से गुजरने वाली ८० फीट रोड के डामरीकरण के निर्माण के लिए भी शर्मा ने भूमि पूजन किया। यह सडक़ ४ करोड़ रुपए की लागत से बनेगी। शर्मा ने कहा कि कमलनाथ जब केंद्र में मंत्री थे, उन्होंने तत्काल प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर को नर्मदा पाइप लाइन और मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए बजट दे दिया था।
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