2100 बिजली ट्रांसफार्मर के पास दुकानें, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल नोटिस वो भी 15 हजार से अधिक - Web India Live

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2100 बिजली ट्रांसफार्मर के पास दुकानें, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल नोटिस वो भी 15 हजार से अधिक

भोपाल। आप ये जानकार चिंतित होंगे कि जिस तरह एमपी नगर जोन एक में बिजली ट्रांसफार्मर में आग लगने और आसपास की दुकानें चपेट में आने की घटना हुई वैसी स्थिति शहर में करीब 2100 स्थानों पर है। शहर में बिजली आपूर्ति करने लगाए गए करीब 5000 ट्रांसफार्मर में से 2100 से सटकर दुकानें, गुमटियां, होर्डिंग और इसी तरह की गतिविधियां है। बिजली कंपनी के ही सर्वे में ये स्थिति जाहिर हुई थी।


हैरानी ये हैं कि बिजली कंपनी इंडियन इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 1956 और सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी 2010 के तहत अब तक 15 हजार नोटिस जारी कर चुकी हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। बिजली स्थापनाओं के पास स्थित इन दुकानों, गुमटियों को हटाने का जिम्मा नगर निगम का है। बिजली कंपनी के अफसरों के अनुसार कार्रवाई के लिए निगम को भी लिखा जाता है, बावजूद इसके कोई विशेष कार्रवाई नहीं की गई।

 

 

 

 

 

नतीजा ये हैं कि एमपी नगर से लेकर दस नंबर, बिट्टन मार्केट, शाहपुरा जैसे पॉश क्षेत्र। पुराने शहर के छोला, जिंसी, करोद, भानपुर, जहांगीराबाद से लेकर बैरागढ़ तक बिजली स्थापनाओं के पास खाली जमीन पर जमकर कारोबार चल रहा है। बाजार विकसित हो गया है। एमपी नगर जोन एक में जिस तरह ट्रांसफार्मर में आग लगी वैसी घटना यहां हुई तो जानमाल का बड़ा नुकसान हो सकता है।

 

 

 

 

 

एमपी नगर में ट्रांसफार्म के करीब 80 से अधिक दुकानें
एमपी नगर शहर के बड़े व्यवसायिक क्षेत्रों में शामिल है। यहां 80 से अधिक ट्रांसफार्मर, डीपी के करीब दुकानें संचालित की जा रही है। सरगम टॉकीज के पीछे की लाइन से लेकर नगर निगम के रेनबसेरे के सामने की डीपी से सटकर दुकान चलाई जा रही है।

 

ये हैं नुकसान

- गर्मी में ट्रांसफार्मर पर क्षमता से औसतन 20 फीसदी अधिक भार है। यहां वायरिंग थोड़ी भी लूज होने पर चिंगारी लगकर आग लग सकती है।
- बिजली स्थापना के नीचे चल रही दुकानें और उसके उपभोक्ता इस आग की जद में आ सकते हैं

- गर्मी में आग तेजी से फैलती है और समय पर बुझाने का काम शुरू नहीं हुआ तो आसपास के कॉम्प्लेक्स, भवनों को चपेट में ले सकती है।

 

 

 

ये होना चाहिए
- ट्रांसफार्मर डीपी के आसपास सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2010 के तहत तय दूरी तक तारों की गार्डनिंग करना चाहिए, ताकि इसके करीब कोई दुकान न खड़ी कर पाए।

- बिजली कंपनी और नगर निगम को तालमेल बनाकर इसके आसपास की दुकानें हटाने और आगे से दुकान न लगे इसके लिए अलग से मुहिम शुरू करना चाहिए।


- बिजली कंपनी को चाहिए कि वह नोटिस जारी करने तक सीमित न रहे, संबंधित थाने में दुकानदार या मकान मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कराएं, कोर्ट में भी प्रकरण दिया जा सकता है।

 

250 मेगावाट से अधिक हुआ भार

भोपाल में गर्मी की वजह से बिजली भार बढ़ गया है। इस समय औसतन ढाई सौ मेगावाट के करीब पहुंच रहा है। गर्मी में एसी, कूलर जैसे उपकरण चलने से बिजली की खपत बढ़ती है जो लाइन और ट्रांसफार्मर पर भार बढ़ाता है।

 

 

 

 

ट्रांसफार्मर, बिजली स्थापना के पास अतिक्रमण की स्थिति को हम दिखवाएंगे। जनहानि या आग लगने की आशंका वाले स्थानों को चिन्हित कर कार्रवाई करेंगे।
- कमल सोलंकी, अपर आयुक्त अतिक्रमण


बिजली के नियमों में घर, दुकान, सडक़ से बिजली लाइन, ट्रांसफार्मर की दूरी तय है। इसका उल्लंघन करने वालों को नोटिस जारी किए जाते हैं। नगर निगम के माध्यम से कार्रवाई कराएंगे।

- एके खत्री, मुख्य महाप्रबंधक बिजली कंपनी भोपाल क्षेत्र



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