साल में 2 बार मनाया जाता है अर्थ दिवस, उत्तरी-दक्षिणी गोलार्ध से है ये संबंध
भोपाल। दुनियाभर में साल में दो दिन पृथ्वी दिवस (earth day 2021) मनाया जाता है लेकिन 1970 से हर साल 22 अप्रैल को मनाए जाने वाले विश्व पृथ्वी दिवस/धरा दिवस का सामाजिक तथा राजनीतिक महत्व है। इसे मनाने का सबसे अहम उद्देश्य लोगों को पर्यावरण और उसके संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
पृथ्वी दिवस दो अलग-अलग दिन मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने 21 मार्च को अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी दिवस के रूप में मान्यता दे रखी है। दरअसल, पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध (उत्तरी भाग) में 21 मार्च वसंत ऋतु का पहला दिन माना जाता है। 21 मार्च वाले 'इंटरनेशनल अर्थ डे' का संयुक्त राष्ट्र का समर्थन हासिल है। इसे उत्तरी गोलार्ध के वसंत और दक्षिणी गोलार्ध के पतझड़ के प्रतीक के रूप में मनाते हैं।
बड़ी संख्या में मनाते है लोग
22 अप्रैल को अर्थ दिवस मनाने का सिलसिला 1970 से जारी है। आलम ये है कि अब दुनिया के 195 से अधिक देशों में इस दिन को मनाया जाता है। इतना ही नहीं इस दिन होने वाली गतिविधियों में दुनिया के 1 अरब से ज्यादा लोग हिस्सा लेते हैं। माना जाता है कि यह पूरी दुनिया का सबसे बड़ा इवेंट है, जिसमें इतनी बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेते हैं। इस साल कोविड-19 (Coronavirus) महामारी के चलते इस दिन को खास रुप से नहीं मनाया जा रहा है।
ऐसे कई तरीके हैं जिसे हम अकेले और सामूहिक रूप से अपनाकर धरती को बचाने में योगदान दे सकते हैं। वैसे तो हमें हर दिन को पृथ्वी दिवस मानकर उसके संरक्षण के लिए कुछ न कुछ करते रहना चाहिए, लेकिन अपनी व्यस्तता में व्यस्त इंसान यदि विश्व पृथ्वी दिवस के दिन ही थो़ड़ा बहुत योगदान दे तो धरती के ऋण को उतारा जा सकता है।
हमसब की है जिम्मेदारी
तकनीक और विज्ञान के दौर में जिस तरह से ग्लेशियर पिघल रहे हैं, औसत तापमान बढ़ रहा है, बेमौसम बारिश आम हो गई है, मिट्टी की क्वालिटी घट रही है, प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा और कंक्रीट के जंगल खड़े किए जा रहे हैं, इन तमाम चीजों के बीच पृथ्वी को बचाना और इस पर ध्यान देना हमारी जिम्मेदारी है।
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