सायबर अपराधियों के निशाने पर 30 से 45 साल की महिलाएं, दोस्ती के बोद करते है ठगी - Web India Live

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सायबर अपराधियों के निशाने पर 30 से 45 साल की महिलाएं, दोस्ती के बोद करते है ठगी

भोपाल। बदलते वक्त के साथ अपराध करने का तरीका भी बदलता जा रहा है। सायबर अपराधियों के निशाने पर अब 30 से 45 साल की पढ़ी-लिखी गृहिणियां हैं। इस उम्र वर्ग की महिलाओं से सायबर ठग सोशल मीडिया पर दोस्ती गांठते हैं और धीरे-धीरे उनके विश्वासपात्र बन जात हैं। ये अपराधी अपना पता लंदन या दुबई बताते हैं। ये ठग उनको परिजनों की तरह महंगा गिफ्ट भेजने की जिद करते हैँ और उनसे घर का पता और मोबाइल नंबर हासिल कर लेते हैं। गिफ्ट छुड़ाने के नाम पर इन महिलाओं के पास कस्टम से फोन आता है और हजारों रुपए की मांग की जाती है।

 

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महिलाएं भरोसा कर वो पैसा चुका देती हैं और ठगी का शिकार हो जाती हैं। सायबर सेल में इस तरह के ट्रेंड से ठगी करने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। राज्य साइबर सेल ने एडवायजरी जारी कर लोगों से खासतौर पर महिलाओं से सतर्क रहने की अपील की है। इसके अलावा इंटरनेट पर वित्तीय लेन-देन से संबंधित सर्चिंग करने वाले भी सायबरों ठगों के साफ्ट टारगेट बन रहे हैं।

इस तरह करते हैं सायबर ठगी

- इंदौर की महिला को दुबई का सोशल मीडिया फ्रेंड गिफ्ट के रुप में महंगा आई फोन और लैपटॉप भेजने की जानकारी देता है। महिला के पास कस्टम से एक लाख रुपए की ड्यूटी चुकाने का फोन आता है। महिला ऑनलाइन पैसे दे देती है लेकिन उसके बाद उनको न गिफ्ट मिलता है और न ही भेजने वाले की कोई जानकारी। ठगी के बाद महिला ने सायबर सेल में शिकायत की।

- भोपाल के युवक ने अपना ऑनलाइन फोन रिचार्ज किया तो उसके एकाउंट से पैसे कट गए लेकिन फोन रिचार्ज नहीं हुआ। युवक ने इंटरनेट पर कस्टमर केयर का नंबर सर्च कर उसे फोन लगाया। कस्टमर केयर के नाम पर बात कर रहे व्यक्ति ने उसे लिंक भेजी जिस पर क्लिक करते ही युवक के खाते से करीब 10 हजार रुपए डेबिट हो गए।

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पुराना हुआ फोन का क्लोन बनाने चलन

पिछले कुछ महीनों में साइबर अपराधों के मामलों की पड़ताल में पाया गया है कि अब फोन का क्लोन बनाने का चलन पुराना हो गया है। हैकर व्यक्तिगत स्तर पर इसकी जानकारी जुटा रहे हैं। इसके लिए मिलते-जुलते नामों की वेबसाइट का उपयोग किया जा रहा है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जब कोई ऐसा मामला सामने आता है जिसमें ज्यादातर लोग उससे संबंधित वेबसाइट पर पहुंचते हैं तो हैकर कुछ शब्दों के हेरफेर के साथ उसी तरह की वेबसाइट बना लेते हैं। व्यक्ति इसे असली समझकर अपनी जानकारी साझा करता है। इसी आधार पर उसे ठगने की साजिश रची जाती है।

ये है पुलिस की एडवायजरी

- अनजान व्यक्ति से सोशल मीडिया पर दोस्ती न करें।
- परिचित के साथ ही घर का पता या मोबाइल नंबर शेयर करें।
- कोई महंगा गिफ्ट भेजने की बात करे तो उससे सावधान रहें।
- कस्टम ड्यूटी चुकाने के नाम पर कोई राशि न भेजें।
- वित्तीय लेनदेन से जुड़ी जानकारी की सर्चिंग के दौरान जो नंबर मिलते हैं उनको वैरीफाई करें।

क्या कहते है एसपी

इस बारे में राज्य साइबर सेल एसपी गुरुकरण सिंह का कहना है कि पढ़ी लिखी महिलाओं को सायबर ठग अपना निशाना बना रहे हैं। सोशल मीडिया पर वे अपना पता देश के बाहर का बताते हैं। गिफ्ट के नाम पर ठगी करते हैं। ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। मिलते-जुलते नामों की वेबसाइट से जानकारी जुटाने के भी कई मामले सामने आए हैं। लोग व्यक्तिगत जानकारी देने से बचें। सावधानी बरतना जरूरी है।



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