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लोगों की मदद के लिए आगे आईं महिला नेत्रियां

भोपाल : लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल और लोग बेहाल हैं। ऐसे में लोगों की सेवा के लिए लोग तन,मन और धन से जुटे हुए हैं। कोविड पीडि़तों की सेवा के लिए ऐसी महिलाएं सामने आई हैं जो खुद किसी राजनीतिक पद पर नहीं हैं यानी न तो वे विधायक हैं और न ही जिला,जनपद या नगरीय निकाय में किसी पद पर हैं। ये महिलाएं अपनी ओर से कोविड मरीजों को मदद पहुंचाने के लिए कोविड सेंटर और अस्पताल तक बनाने में जुटी हुई हैं। किसी ने प्रशासन से अपना घर ही कोविड सेंटर बनाने के लिए कह दिया है। इसके अलावा आर्थिक रुप से भी ये महिलाएं मरीजों की मदद कर रही हैं। कुछ ने रेमडेसिविर इंजेक्शन का खर्च उठाने के लिए प्रशासन से कहा है।

कोविड सेंटर बनाने दिया घर :
कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता नूरी खान ने जिला प्रशासन को आवेदन किया है कि वे उज्जैन स्थित अपना घर कोविड सेंटर बनाने के लिए तैयार हैं। नूरी ने प्रशासन को लिखे पत्र में कहा कि उज्जैन के अस्पतालों में बेड उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। अनगिनत लाशों से भरे अखबार और ये त्रासदी मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रही। मेरा घर 3500 वर्गफीट है। उज्जैन कलेक्टर चाहें तो उसे कोरोना मरीजों के लिए अधिग्रहित कर कोरोना केयर सेंटर में तब्दील कर दें। मैं किराए के घर में रह लंूगी। इसके अलावा नूरी उन लोगों की आर्थिक मदद भी कर रही हैं जो गरीब तबके के हैं। नूरी अपना प्लाज्मा भी डोनेट कर रही हैं।

मरीजों के लिए खोल दिया अस्पताल :
कांग्रेस प्रवक्ता और राज्य महिला आयोग की सदस्य संगीता शर्मा ने होशंगाबाद रोड पर एक पुरानी इमारत को अस्पताल की शक्ल दे दी है। उन्होंने कुछ सहयोगी डॉक्टरों के साथ मिलकर एक अस्पताल खोला है जो 30 बिस्तरों का है। यहां पर वे अपनी तरफ से ऑक्सीजन सिलेंडर और जरुरी इंजेक्शन की व्यवस्था भी कर रही हैं। अगले एक सप्ताह में ये अस्पताल शुरु हो जाएगा। यहां पर कोविड पॉजिटिव मरीजों का इलाज निशुल्क किया जाएगा। अभी अस्पताल में दो फ्लोर हैँ और जल्द ही तीसरा फ्लोर भी बन जाएगा। मजदूर न मिलने की वजह से अस्पताल का काम रुका हुआ है।

रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए पैसा :
कांग्रेस नेत्री पारुल साहू ने प्रशासन से कहा है कि वे आर्थिक रुप से जन सहयोग को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि कोरेाना जांच में देरी हो रही है जिससे प्राथमिक उपचार की दवाओं का किट भी नहीं मिल पा रहा है। दवाओं के किट पर आने वाला खर्च जनसहयोग से जुटाया जा सकता है। उन्होंने सागर कलेक्टर से कहा कि सरकारी डॉक्टर यदि जांच रिपोर्ट आने तक निर्धारित दवाओं की सूची दे दें तो वे दवाओं के खर्च में पूरा सहयोग कर सकती हैं। रेमडेसिविर इंजेक्शन की उपलब्धता के लिए भी वे आर्थिक मदद देने को तैयार हैं।

अस्थाई कोविड केयर सेंटर बनाने की तैयारी :
कांग्रेस नेत्री रश्मि पवार शर्मा भी अस्थाई कोविड केयर सेंटर बनाने की तैयारी कर रही हैं। इसके लिए उनकी टीम आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने में जुटी है। ये कोविड केयर सेंटर 100 बिस्तरों का होगा और जल्द ही ग्वालियर में ये शुरु हो जाएगा। रश्मि लोगों की आर्थिक मदद और भोजन पहुंचाने के काम भी लगी हैं। वहीं जिनको कोविड नहीं होता और उनकी हालत गंभीर होती है तो वे एंबुलेंस न मिलने पर खुद अस्पताल ले जाने का काम कर रही हैं।



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