उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान के डायरेक्टर के लिए सिर्फ स्थानीय प्राध्यापकों को मिल रहा अवसर
भोपाल. उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान (एक्सीलेंस इंस्टीट्यूट) में डायरेक्टर का पद लंबे समय से खाली है। अब इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा चयन प्रक्रिया आयोजित की जा रही है। इसमें इस बार संस्थान में ही पदस्थ प्राध्यापकों को शामिल किया जा रहा है। खास बात यह है कि उच्च शिक्षा विभाग ने संस्थान के करीब 12 प्राध्यापक चुने थे, लेकिन बाद में यह चयन प्रक्रिया संस्थान के सभी प्राध्यापकों के लिए ओपन कर दी गई। इस प्रक्रिया के तहत शुक्रवार को साक्षात्कार होने थे। अब यह 31 अगस्त को होंगे।
दूसरी ओर इस चयन प्रक्रिया को लेकर अन्य कॉलेजों के प्राध्यापक सवाल खड़े कर हैं। उनका कहना है कि जब शासन द्वारा चयन प्रक्रिया ही आयोजित की जा रही है तो सभी को समान अवसर दिया जाना चाहिए। अभी डायरेक्टर का कार्यभार संस्थान से वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. एसएस विजयवर्गीय के पास है। वे भी डायरेक्टर के दावेदारों में से एक हैं। इससे पहले प्राचार्यों को अवसर दिया गया था लेकिन उनमें से कोई योग्य नहीं मिला था। अब संस्थान स्तर पर ही डायरेक्टर की खोज होने पर अन्य कॉलेजों के प्राध्यापक आपत्ति दर्ज करा रहे हैं।
चयन प्रक्रिया इसलिए
यह प्रदेश का एक मात्र उत्कृष्ट संस्थान हैं। इसलिए विभाग ऐसा डायरेक्टर चाहता जो जिसके पास संस्थान की प्रगति के लिए एक स्पष्ट विजन हो। इसलिए ऐसे लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जो संस्थान की कार्यप्रणाली से परिचित हो।
समान अवसर दें
यदि सरकार चयन प्रक्रिया आयोजित करना चाहती है तो उसके लिए प्रदेश के सभी कॉलेजों के प्राध्यापकों को समान अवसर देना चाहिए। इसके लिए विज्ञापन जारी कर कम से कम एक महीने का समय दिया चाहिए। इस तरह चयन प्रक्रिया आयोजित करना भी नियमों के विरुद्ध है। डायरेक्टर के पद पर प्राचार्य की ही नियुक्ति होती है।
प्रो. कैलाश त्यागी, प्रांताध्यक्ष, प्रांतीय शासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ
जब उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान में किसी भी सरकारी कॉलेज से प्राध्यापकों का तबादला कर पदस्थ किया जा सकता है तो डायरेक्टर के पद पर ऐसा क्यों नहीं हो सकता है। नियमानुसार प्रदेश के किसी भी शासकीय महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राचार्य को ही पदस्थ किया जाना ही उचित होगा। यदि संस्थान की कार्यप्रणाली अन्य कॉलेजों से भिन्न है तो उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जा सकता है।
डॉ. विभा शुक्ला, रिटायर्ड प्रिंसिपल, पुराना बेनजीर कॉलेज
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा डायरेक्टर के पद पर नई नियुक्ति नहीं की जा रही है और ना ही कोई पदस्थापना की जा रही है। प्रभार ही सौंपा जाएगा। चूंकि यह संस्थान अन्य शासकीय कॉलेजों से हटकर है। इसलिए इस संस्थान में ही मौजूद प्राध्यापकों में से किसी एक का चयन करने के लिए यह ओपन सिलेक्शन प्रोसेस अपनाई गई है। किसी से कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा है। महिला प्राध्यापक भी शामिल हो सकती हैं।
अनुपम राजन, प्रमुख सचिव,उच्च शिक्षा विभाग
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2XUET9U
via
No comments