मोतिया तालाब में मिलने वाले नालों को एक माह में सीवेज लाइन से जोड़े नगर निगम
भोपाल. राजधानी के मोतिया तालाब के संबंध में एनजीटी द्वारा गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट पेश कर दी है। इसमें मोतिया तालाब का पानी डी-श्रेणी का पाया गया है जो सिर्फ फिशरीज और वन्यजीवों के काम का है। यह मानवीय कामों में उपयोग नहीं किया जा सकता है। समिति ने एक माह में मोतिया तालाब में मिल रहे नालों को सीवेज लाइन से जोडऩे की सिफारिश की है। एनजीटी ने समिति की रिपोर्ट और सिफारिशों के बाद नगर निगम से एक माह में तालाब संरक्षण की पूरी प्लानिंग और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।
एनजीटी सेंट्रल जोनल बेंच ने उज्जवल शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिए हैं। एनजीटी ने पिछली सुनवाई में मोतिया तालाब की जांच के लिए समिति बनाई थी। इसमें एप्को की चीफ साइंटिफिक ऑफिसर डॉ विनीता विपट, एम्प्री के सीनियर प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ जयप्रकाश शुक्ला के साथ सीपीसीबी और एमपीपीसीबी के एक-एक प्रतिनिधि को शामिल किया गया था। समिति ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि मोतिया तालाब में अभी भी ईदगाह हिल्स का पूरा सीवेज और गंदा पानी जा रहा है। तालाब में दो बड़े नाले मिलते हैं एक एसबीआई नाला और दूसरा ईदगाह हिल्स नाला। इसके साथ तालाब के पास मौजूद बस्ती का पूरा गंदा पानी और सीवेज भी मोतिया तालाब में मिल रहा है। समिति की रिपोर्ट आने के बाद एनजीटी ने नगर निगम से मोतिया तालाब के संबंध में पूरी पॉलिसी, प्लानिंग और कार्रवाई रिपोर्ट 4 सप्ताह में मांगी है। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी निर्देशित किया गया है कि वह तालाब संरक्षण संबंधी उपाय सुझाए और अगली सुनवाई के पहले कार्रवाईरिपोर्ट पेश करे।
समिति ने यह की सिफारिशें
- नगर निगम मोतिया तालाब में मिलने वाले नालों को बंद कर करें या इन्हें एक माह के अंदर सीवर लाइन से जोडऩे का काम करे।
- तालाब के पास स्थित स्लम एरिया की गंदगी रोकने के लिए इसे कहीं और विस्थापित किया जा सकता है।
- मोतिया तालाब में बीच में अभी एक फाउंटेन लगा हुआ है, पानी में ऑक्सीजन लेवल को बढ़ाने के लिए एक फाउंटेन और लगाने की जरूरत है।
- तालाब के उत्तरी भाग में पक्की बाउंड्री और वॉकिंग के लिए प्लेटफार्म बनाया जाना चाहिए और आसपास सफाई की व्यवस्था होना चाहिए।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3nYZQeQ
via
No comments