सामूहिक भागीदारी से फाइलेरिया का उन्मूलन सुनिश्चित होगा: शर्मा - Web India Live

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सामूहिक भागीदारी से फाइलेरिया का उन्मूलन सुनिश्चित होगा: शर्मा

भोपाल. फाइलेरिया के उन्मूलन के लिए सामुदायिक सहभागिता अत्यंत आवश्यक है । जनप्रतिनिधियों और समुदाय की सामूहिक भागीदारी किसी भी कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ये बातें खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, मध्य प्रदेश और ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित उद्घाटन समारोह में व्यक्त किए। छतरपुर जिले में फाइलेरिया रोग के उन्मूलन के लिए 27 सितंबर से मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर सांसद ने कहा कि राज्य सरकार महत्वपूर्ण स्वास्थ्य और विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयत्नशील है। यही कारण है कि सरकार, इस कठिन कोरोना काल के समय में भी फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन के लिए 27 सितम्बर से जिले में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, कोरोना के सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ शुरू किया जा रहा है। मेरा सभी जनप्रतिनिधियों से अनुरोध है कि जिले के प्रत्येक गांव और ब्लॉक के हर घर तक अपने सहयोगियों के माध्यम से फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के बारे में जागरूकता फैलाएं और सुनिश्चित करें कि कोई भी लाभार्थी दवा के सेवन से वंचित न रह जाए। उन्होंने सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों से इस अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यक्रम के बारे में व्यापक जागरूकता पैदा करने के लिए अपने नियमित कार्य के एजेंडे में इस बीमारी को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखने का आग्रह किया और एमडीए दौर के दौरान अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं की मदद करने का भी अनुरोध किया, ताकि सभी आबादी द्वारा अधिकतम दवा अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।

जिले के कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने कहा कि शासन स्तर पर जिले से लेकर ब्लॉक तक सारी तैयारियां की जा चुकी हैं और हम सबका पूरा प्रयास है कि इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन में कोई कमी न रह जाए। राज्य कार्यक्रम अधिकारी वेक्टर बोर्न डिजीजेज डॉ. हिमांशु जायसवार ने बताया कि मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम के दौरान कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए सभी सुरक्षा सावधानियों (स्वच्छता, मास्क और शारीरिक दूरी) को अपनाने के महत्व को ध्यान में रखा जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि इस अभियान में सभी पात्र लाभार्थी, फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन, स्वास्थ्य कर्मियों के सामने ही करना सुनिश्चित करें। इस कार्यक्रम में फाइलेरिया से मुक्ति के लिए 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और अतिगंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर सभी लोगों को उम्र के अनुसार डीईसी और अल्बंडाजोल की निर्धारित खुराक प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा घर-घर जाकर अपने सामने मुफ्त खिलाई जाएगी । इन दवायें का सेवन खाली पेट नहीं करना है।



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