भावी संत पहुंचे संत की शरण में, मोक्ष मार्गियों ने दिगम्बर संतों की चरण वंदना कर लिया आशीर्वाद
भोपाल. आचार्य विशुद्ध सागर महाराज के संघस्थ ब्रह्मचारी भैयाओं, ब्रह्मचारी संजय भैया, बृजेश भैया, स्वातम भैया, अविरल भैया, अंकुर भैया ने राजधानी के जैन मंदिरों में शुक्रवार प्रात: भानपुर जिनालय में पहुंचकर मूलनायक भगवान पाŸवनाथ की वंदना की। चातुर्मास की साधना कर रहे मुनि संभव सागर महाराज सहित नौ मुनिराजों को श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया।
आचार्य विद्या सागर महाराज के शिष्य मुनि संभव सागर महाराज सहित सभी मुनिद्वय ने दीक्षार्थी भैयाओं को मोक्ष मार्ग पर अविरल बढ़ते रहने का समाज को सही दिशा और मार्गदर्शन देने का आशीर्वाद दिया। मुनि संभव सागर महाराज ने दीक्षार्थी भैयाओं को संबोधित करते हुये कहा मुक्ति वधु की जयमाला दीक्षा है, संसार की सुख - सुविधायें त्यागने के पूर्व कषाय आदि को दूर कर यह कल्याण का पथ अपनाना इस जन्म का ही नहीं अनेक जन्मों का पुण्य है। इसके बाद ब्रह्मचारी भैया श्री शांतिनाथ जिनालय दानिश कुंज पहुंचे यहां भगवान शांतिनाथ की वंदना करने के उपरांत आचार्य विराग सागर महाराज के शिष्य मुनि संस्कार सागर महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर समिति के प्रमुख ज्ञानचन्द्र जैन, विकास जैन और अन्य पदाधिकारियों द्वारा तिलक लगाकर भैयाओं का स्वागत किया। शहर के हृदय स्थल चौक जिनालय में पहुंचकर भगवान आदिनाथ और चाबीस तीर्थंकर भगवानों की चरण वंदना करते हुये परिक्रमा की श्रद्धालुओं ने गोद भराई की रस्म कर मंगल गीत गाए। इस अवसर पर बिनोली यात्रा के संयोजक पंकज जैन इंजी., पंचायत कमेटी के ट्रस्टी दीपक दीपराज, मनोज जैन एडवोकेट, संजय, पंकज टेलर सहित अनेक धर्मावलंबी मौजूद थे।
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