ओला व उबर राइड कैसिंल करते ही आपके भी अकाउंट से कट रहे पैसे तो जान लीजिए अपने ये अधिकार
भोपाल। शहर में 2000 से अधिक की संख्या में चलने वाली ओला व उबर प्राइवेट टैक्सी सेवा की मनमानी से नागरिक परेशानी महसूस कर रहे हैं। अनलॉक के बाद दोबारा शुरू हुई इस सेवा का इस्तेमाल करने के लिए आप जैसे ही बुकिंग करेंगे तो सामने से ड्राइवर आप की लोकेशन पहले पूछेगा। इसके बाद आने की कन्फर्मेशन आपको देगा, यदि आप किसी दूरस्थ क्षेत्र में खड़े हैं और वहां से टैक्सी ड्राइवर को मुनाफा नहीं मिल रहा है तो वह आने से इनकार कर देगा।
इस प्रकार बुकिंग करने के बाद भी आप खुद को ठगा सा महसूस करेंगे क्योंकि जैसे ही आप बुकिंग निरस्त करेंगे, वैसे ही आपके खाते से 50 रुपए की राशि कट जाएगी या अगली बुकिंग के बिल में जुड़ने के लिए तैयार हो जाएगी। ओला एवं उबर कंपनी के टैक्सी ड्राइवरों की इस मनमानी की शिकायत अनेक बार कंपनियों के दिल्ली और भोपाल स्थित कॉल सेंटर में की गई। बावजूद नागरिकों की समस्या का निराकरण नहीं हुआ है। यातायात पुलिस ने अब इस प्रकार की ने मनमानी करने वाले टैक्सी संचालकों से निपटने की तैयारी कर ली है। यातायात सुरक्षा अधिनियम के तहत यात्रा से किसी भी प्रकार की असुविधा या ठगी का अंदेशा होता है तो इसकी जानकारी यातायात थाने में दर्ज कराई जा सकती है।
नहीं लगाया पैनिक बटन
ओला-उबर को गृह विभाग ने गाइडलाइन जारी कर हिदायत दी थी कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन सुविधा स्थापित की जाए। इसके अलावा सीसीटीवी व जीपीएस ट्रैकिंग की सुविधा भी एंड्रॉयड एप्लीकेशन के माध्यम से उपलब्ध कराई जाए। ओला एवं उबर कंपनियों के एंड्रॉयड एप्लीकेशन में जीपीएस ट्रेकिंग की जा सकती है। लेकिन पैनिक बटन की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई। सीसीटीवी सर्विलेंस भी नहीं है।
ये हैं आपके अधिकार
- ड्राइवर के नशे के होने की स्थिति में यात्रा निरस्त करने पर किसी प्रकार का भुगतान नहीं देना होगा, इसकी शिकायत थाने में की जा सकती है।
- ड्राइवर के अभद्र आचरण की शिकायत टैक्सी नंबर एवं बुकिंग नंबर के आधार पर कॉल सेंटर में की जा सकती है कंपनी को ऐसे ड्राइवर के खिलाफ 24 घंटे के अंदर एक्शन लेना होगा।
- कोई भी कैब एजेंसी आपकी यात्रा सिर्फ इसलिए निरस्त नहीं कर सकती क्योंकि आप शहर के आउटर में खड़े होकर बुकिंग करवा रहे हैं।
- 24 घंटे सातों दिन टैक्सी संचालकों को समान किराया वसूलने के निर्देश के आधार पर अपना दिए गए हैं जबकि कैब कंपनियां फ्लेक्सी बुकिंग के आधार पर किराया तय करती है।
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