भारत विकसित कर रहा है दोगुनी क्षमता की स्वदेशी हाइपरसाॅनिक मिसाइल्स, अमरीकी कांग्रेस ने किया दावा
नई दिल्ली। अमरीकी कांग्रेस ने हाल ही में एक रिपोर्ट पेश की है। इस रिपोर्ट में उन्होंने दावा किया है कि भारत दोगुनी क्षमता की स्वदेशी हाइपरसाॅनिक मिसाइल्स विकसित कर रहा है। अमरीकी कांग्रेस ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि अमरीका, रूस और चीन के पास सबसे एडवांस्ड हाइपरसाॅनिक मिसाइल्स प्रोग्राम हैं। साथ ही उन्होंने यह दावा भी किया कि भारत, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जर्मनी और जापान उन देशों में से हैं जो अपने यहां हाइपरसाॅनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए हाइपरसाॅनिक मिसाइल्स बना रहे हैं।
भारत में बन रही हैं दोगुनी क्षमता की स्वदेशी हाइपरसाॅनिक मिसाइल्स
अमरीकी कांग्रेस ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि भारत में हाइपरसाॅनिक टेक्नोलॉजी डिमॉन्स्ट्रेटर व्हीकल प्रोग्राम के तहत दोगुनी क्षमता की स्वदेशी हाइपरसाॅनिक मिसाइल्स बन रही हैं। इसी के तहत जून 2019 और सितम्बर 2020 में 'मैक-6' नाम की मिसाइल का सफल परीक्षण भी कर लिया गया है।
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अमरीकी कांग्रेस की रिपोर्ट के अनुसार अन्य दावें
- भारत और रूस एक साथ मिलकर परमाणु हथियार बना रहे हैं।
- भारत और रूस 'मैक-7' और 'ब्रह्मोस-2' के निर्माण में एक दूसरे की मदद करते हुए काम कर रहे हैं।
- भारत के पास 12 हाइपरसाॅनिक टनल हैं, जो 'मैक-13' तक की रफ्तार का परीक्षण करने में सक्षम हैं।
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