एक IAS ऑफिसर का दर्द: पति चाहते हैं नौकरी छोड़ घरेलू महिला हो जाऊं
'वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि नितीश की विवश पत्नी के रूप में सामने आई हूं। जुड़वा बेटियों देवयानी और शिवरंजनी के हितों की रक्षा के लिए आगे आई हुई मां हूं।'
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घर में कलह, पति-पत्नी में वैचारिक मतभेद अमूमन सभी घरों में होते हैं। प्रेम विवाह के बाद मेरे और अभिनेता नितीश के बीच भी कई मसलों पर एक राय नहीं रही। इससे संबंधों में दरार बढ़ती गई। नितीश चाहते हैं कि मैं आईएएस की नौकरी छोड़ मुंबई में घर तक सिमट जाऊं। अब उनका कहना है वे तभी विवाह विच्छेद करेंगे, जब मैं उन्हें इसके लिए राशि दूं। पुणे की प्रॉपर्टी भी लेना चाहते हैं। ये आरोप हैं आईएएस अफसर स्मिता भारद्वाज के, जिनका अभिनेता पति और भाजपा नेता नितीश भारद्वाज के साथ विवाद चर्चा में है।
पेश हैं पत्रिका से खास बातचीत के प्रमुख अंश...
मुझे बेटियों की कस्टडी मिली है
स्मिता ने बताया, नितीश बेटियों के मेरे कथित अपहरण का बयान दे रहे हैं। यह निराधार हैं। कोर्ट से मुझे बेटियों की कस्टडी मिली है। नितीश को मिलने की इजाजत है। उन्होंने गुजारा भत्ता 20 हजार रुपए एक ही बार दिया। उनका बच्चियों को आतंकित करने का दावा झूठा है।
वे बातें भी रिकॉर्ड करते थे
स्मिता का दावा है, नितीश बेटियों व मेरे साथ की बातचीत रिकॉर्ड करते थे। कौन ऐसा करेगा। यह शादी समाप्त करने के इरादे का संकेत है। उनके बर्थडे पर हमने मिलने की कोशिश की। उन्होंने टालने वाला बर्ताव किया। वे गायब हो जाते थे। हमारे नंबर ब्लॉक कर देते या अपना फोन ऑफ कर देते थे।
नितीश विक्टिम कार्ड खेलते हैं
नितीश भारद्वाज खुद को विक्टिव (पीड़ित) के रूप में पेश कर रहे हैं। वे मुलाकातों को बाधित कर और कानूनी कार्रवाई का लाभ उठाना चाहते हैं। सहानुभूति हासिल करने, राजनीतिक संबंधों का लाभ उठाने और मीडिया कवरेज को सनसनीखेज बनाने की कोशिश कर रहे हैं। स्मिता का कहना है कि नितीश ने इस प्रकरण की तुलना गोवा कोर्ट के किसी केस से की, जो कि उनकी सोच को दिखाता है। वे हमें मानसिक दबाव में लाना चाहते हैं।
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