सात साल में दुनिया के 259 लोगों ने सेल्फी के चक्कर में गंवाई जान, इनमें 61% भारतीय
-सेल्फी के लिए रिस्क लेने के मामले में महिलाएं आगे
मरने वालों में 72.5% पुरुष, सेल्फी के चक्कर में डूबने और गिरने से मौतें
नई दिल्ली| सेल्फी लेने के क्रेज में 2011 से अब तक पूरी दुनिया में हुई 137 घटनाओं में 259 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें पहला नंबर भारत का है, जहां 159 की मौत हुई है। इसके बाद अमेरिका, रूस और पाकिस्तान आते हैं। यह खुलासा नई दिल्ली स्थित एम्स के शोधकर्ताओं की रिसर्च में हुआ।
मरने वालों की औसत उम्र 30 साल से कम
रिपोर्ट के मुताबिक, सेल्फी के लिए रिस्क लेने वालों में महिलाओं की संख्या काफी ज्यादा है, लेकिन मरने वाले 259 लोगों में 72.5% पुरुष थे और उनकी औसत उम्र 30 साल से कम थी।
डूबने और गिरने से मौतें ज्यादा
रिपोर्ट में बताया गया है कि सेल्फी के दौरान मौत की सबसे बड़ी वजह डूबना या गिरना है। इसके बाद सफर के दौरान सेल्फी लेना ज्यादा खतरनाक माना गया। विशेषज्ञों के मुताबिक, 2011 में सेल्फी लेने के दौरान सिर्फ तीन लोगों ने जान गंवाई थी। वहीं, 2016 में यह आंकड़ा 98 था।
नो सेल्फी जोन बनाने की सलाह
विशेषज्ञों ने टूरिस्ट प्लेस पर ‘नो सेल्फी जोन’ बनाने की सलाह दी है। खासतौर पर पर्वतों की चोटी, पानी के नजदीक और ऊंची इमारतों की छत पर इसका ध्यान रखा जाए। हालांकि, भारत में ऐसे काफी जोन बना लिए गए हैं, जिनमें ज्यादातर मुंबई में हैं।
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