4 करोड़ की एप्रोच सडक़ के निर्माण में तय मापदण्डों का नहीं हो रहा पालन
मंडीदीप. शहर के सतलापुर क्षेत्र में तालाब किनारे से कलियासोत नदी के छठ पूजा घाट तक बनाई जा रही सडक़ की गुणवता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नपा के वार्ड पार्षद ने ठेकेदार द्वारा सडक़ निर्माण में उपयोग किए जा रहे मटेरियल सहित तय माप दण्डों के अनुरूप निर्माण कार्य नहीं होने पर आपत्ती उठाई है। पार्षद ने नपा अधिकारियों सहित नगरीय प्रशासन विभाग और जिला प्रशासन से निर्माण में किए जा रहे भ्रष्टाचार की जांच करनीे की मांग की है।
आवाजाही होगी आसान
औद्योगिक क्षेत्र से सीधे लोरका पिपलिया सडक़ को जोडऩे के उद्वेश्य से नपा इस सडक़ का निर्माण कर रही है। इस एप्रोच रोड का सबसे बड़ा फायदा वाहन चालकों को मिलेगा। वर्तमान में सतलापुर पुरानी बस्ती से मंडीदीप आने के लिए वाहन चालकों को एक खड़ी चढ़ाई को चढक़र आना पड़ता है। इससे लोडिंग वाहन चालकों की चढ़ाई चढऩे के अलावा दुर्घटना का भी भय बना रहता है। नए एप्रोच रोड के बनने से वाहन बस्ती के बाहर से तालाब किनारे आसानी से मंडीदीप पहुंच सकते हैं। इसके अलावा वाहन चालक कलियासोत नदी पर सतलापुर स्थित छठ पूजा घाट तक आसानी से पहुंच सकते हैं। यह सडक़ स्कूल एवं कॉलेज आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए भी फायदेमंद साबित होगी।
2.75 किमी है सडक़ की लंबाई
नगर पालिका सतलापुर शुक्रवार बाजार से तालाब किनारे सरकारी स्कूल होते हुए कलियासोत नदी पर स्थित सतलापुर छठ पूजा घाट तक एक नया एप्रोच रोड बना रही है। करीब 2.75 किमी लम्बे इस सीसी सडक़ को बनाने में 3.97 करोड़ की भारी भरकम राशि खर्च की जा रही है। बारिश से पहले इस सडक़ का काम पूरा हो जाएगा।
- निर्माणधीन सडक़ के संबंध में वार्ड पार्षद ने आवेदन दिया है, तकनीकी विभाग इसकी जांच कर रहा है, जंाच में अगर कोई गड़बड़ी मिलती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ज्योति सुनेरे, सीमएओ, नपा
- सतलापुर के लिए बनाए जा रहे एप्रोच रोड का निर्माण गुणवत्ता पूर्वक नहीं किया जा रहा है, इसकी शिकायत नपा अधिकारियों से की थी, लेकिन अधिकारियों द्वारा इसकी अनदेखी करने पर, अब शिकायत नगरीय प्रशासन एवं जिला प्रशासन से की है। - राकेश लोवंशी, वार्ड पार्षद
फिलिंग सही नही होने पर आने लगेंगे के्रक
नपा के वार्ड-17 के पार्षद ने अपनी शिकायत में बताया कि नपा ठेकेदार द्वारा जिस प्रकार सडक़ निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है, उससे 4 करोड़ की सडक़ कुछ ही दिनों में धरासायी हो जाएगी। पार्षद ने बताया कि ठेकेदार ने पहले सडक़ किनारे बनाई कॉटनबॉल में मापदण्डों का पालन नहीं किया। अब इसकी फिलिंग कोपरे की जगह आरसीसी की बड़े-बड़े सिल्लियों से की जा रही है। इससे फिलिंग सही नहीं होने से सडक़ निर्माण में क्रेक आने लगेंगे।
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