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आज का पंचांग 5 मार्च 2019: चतुर्दशी तिथि में भगवान देवेश्वर सदाशिव की करें पूजा, हर मनोकामना होगी पूरी


ज्योतिष गुलशन अग्रवाल
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम गू, गै, सा, सी अक्षरों पर रख सकते हैं। आज जन्में बच्चों का जन्म तांबे के पाए में होगा। सूर्योदय से लेकर संपूर्ण दिवस पर्यन्त तक कुंभ राशि रहेगी। आज जन्म लिए बच्चे शरीर से सुदृढ़ होंगे। सामान्यत इनका भाग्योदय करीब 17 वर्ष की आयु में होगा। ऐसे जातक सौंदर्यप्रेमी व संशयी स्वभाव के होंगे। विज्ञान के क्षेत्र में कोई आविष्कार करेंगे। धन संपदा से सामान्य होते हुए भी रहन सहन ठीक रहेगा। कुंभ राशि में जन्में जातक को अत्याधिक वस्तु संग्रहण से बचना चाहिए। संगीत प्रेम बनाए रखना चाहिए।
तिथि
सूर्योदय से सांय 07.06 मिनट तक रिक्ता संज्ञक चतुर्दशी तिथि रहेगी। पश्चात पूर्णा संज्ञक अमावस तिथि लगेगी। चतुर्दशी तिथि में भगवान देवेश्वर सदाशिव की पूजा करने से मनुष्य समस्त ऐश्वर्यों से समन्वित हो जाता है। तथा बहुत से पुत्रों एवं प्रभूत धन से संपन्न हो जाता है। अमावस्या में पितृगण पूजित होने पर सदेव प्रसन्न होकर प्रजावृद्धि, धन-रक्षा, आयु तथा बल-शक्ति प्रदान करते हैं।
नक्षत्र
सूर्योदय से दोपहर 03.16 मिनट तक चर चल धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा। पश्चात चर चल शतभिषा नक्षत्र लगेगा। नए पुराने वाहनो का क्रय-विक्रय, वाहन के उपयोग, वाहन के संचालन, वाहन से यात्रा करने या सवारी आदि के लिए धनिष्ठा एवं शतभिषा दोनो नक्षत्र शुभ माने गए हैं। मशीनरी लगाने, रोज़गार, व्यवसाय, वणिज्य, व्यवसायीक विज्ञापनों के लिए शतभिषा नक्षत्र अच्छे माने गए हैं।
योग
सूर्योदय से दोपहर 02.31 मिनट तक शिव योग रहेगा। पश्चात सिद्ध योग लगेगा। शिव योग के स्वामी मित्र देव माने जाते हैं, जबकि सिद्ध योग के स्वामी कार्तिकेय माने जाते हैं।
विशिष्ट योग
दोनो योग शुभ माने जाते हैं। दोनो योग के कार्य पूर्ण होने की प्रबल संभावना रहती है। शिव योग में पूजन कर्म, अनुष्ठान की शुरुआत, ठीक रहती है।सिद्ध योग में मंत्र जप की शुरुआत ठीक रहती है।
आज का शुभ मुहूर्त
अनुकूल समय में नलकूप खनन करने के लिए शुभ मुहूर्त है।
श्रेष्ठ चौघड़िए
प्रातः 09.41 मिनट से दोपहर 02.03 मिनट तक क्रमशः चंचल लाभ व अमृत के चौघड़िया रहेंगे।
करण
सूर्योदय से सायंः 07.06 मिनट तक शकूनि नामक करण रहेगा। पश्चात चतुष्पद नामक करण लगेगा। इसके पश्चात नाग नामक करण लगेगा।
व्रतोत्सव
व्रत/पर्वः श्री महाशिवरात्रि व्रत (वैष्णव मत) रात्रि 11.49 मिनट पर बुध ग्रह वक्री होंगे। स्वामी दयानंद बोधोत्सव।
चंद्रमाः सूर्योदय से लेकर संपूर्ण दिवस पर्यन्त तक चंद्रमा वायु तत्व की कुंभ राशि में रहेंगे।
पंचकः पंचक जारी रहेंगे।
दिशाशूलः उत्तर दिशा में। अगर हो सके तो आज अत्तर दिशा में की जाने वाली यात्रा को टाल दें।
राहु कालः दोपहर-03.30.43 से 04.58.08 तक राहु काल वेला रहेगी। इस समय में शुभ कार्यों को करने से बचना चाहिए।


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