समग्र आईडी से आधार सीडिंग के २ लाख आवेदन अटके - Web India Live

Breaking News

समग्र आईडी से आधार सीडिंग के २ लाख आवेदन अटके


भोपाल, ई-केवायसी के जरिए समग्र आइडी को आधार से लिंक किया जा रहा है। इसके लिए अब तक करीब ३ लाख ९३ हजार लोगों ने आवेदन किया है, लेकिन समय पर ई-केवायसी सीडिंग सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। इस वजह से समग्र-आधार सीडिंग के २ लाख आवेदन न तो इन्हें रिजेक्ट किए गए और न ही स्वीकार।
इन आवेदनों का निराकरण नहीं करने के कारण ई-केवायसी के बाद के काम भी नहीं हो पा रहे हैं। ई-केवायसी के बाद समग्र आइडी में नाम, लिंग, जाति, जन्म तिथि आदि में संशोधन करवाना आसान हो जाता है। १ अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरु होने जा रहा है, एेसे में पालकों के बीच को समग्र आइडी की मांग बढ़ गई है, लेकिन आवेदनों का निराकरण नहीं होने से दुविधा खड़ी हो गई।
गौरतलब है कि समग्र आइडी में संशोधन प्रक्रिया को सरल करने के लिए ई-केवायसी शुरु किया गया है, लेकिन अब इसमें भी ढीलपोल हो रही है। ई-केवायसी के जरिए कोई भी व्यक्ति घर बैठे भी समग्र आइडी में संशोधन करने के लिए आवेदन कर सकता है, जिसे जल्द से जल्द प्राथमिकता से
लिया जाता है, लेकिन भोपाल में ५५९४ आवेदन लंबित पड़े हैं। जिले में १२ हजार ६७० आवेदन किए गए थे, जिनका जल्द निराकरण किया जाना था, लेकिन नहीं किया गया।
सत्यापन में हो रही है देरी
समग्र आइडी में आवेदकों द्वारा संशोधन के लिए जो आवेदन किए जाते हैं, उनका सत्यापन नगर पालिकाओं, नगर निगम-वॉर्ड या ग्राम पंचायतों को करना होता है। लेकिन मैदानी अमला इसे गंभीरता से ही नहीं ले रहा है। इसके कारण आधे आवेदन अब भी लंबित पड़े हैं।
अभिभावक हो रहे परेशान
समग्र आइडी के बिना स्कूलों में प्रवेश नहीं होता है। समग्र आईडी में त्रुटि अथवा नाम, जाति, जन्म तिथि आदि जन्म प्रमाण पत्र या प्रवेश के लिए आवेदन पत्रों में लिखी गई जानकारी समान नहीं होने पर अभिभावकों को परेशान होना पड़ता है। अभिभावक इसमें संशोधन के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया का सहारा ले रहे हैं ताकि पंचायतों, वार्ड कार्यालयों आदि में भटकना न पडे़। लेकिन ऑनलाइन आवेदनों का निराकरण नहीं होने से यह समस्या और बढ़ जाती है।

निराकरण का प्रतिशत बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इसे राज्य स्तर की बैठक में भी रखा गया था। जिलों को निर्देश दिए गए हैं। चुनाव प्रक्रिया के कारण हो सकता है आवेदनों का निराकरण कम रहा हो, लेकिन अभिभावकों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
बी चंद्रशेखर, मिशन संचालक, मप्र समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन


from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2UaSCpA
via

No comments