भारत की अंजली वशिष्ठ, इनोचा देवी, सालम सुनील सिंह और गौरव तोमर ने जीते डबल गोल्ड - Web India Live

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भारत की अंजली वशिष्ठ, इनोचा देवी, सालम सुनील सिंह और गौरव तोमर ने जीते डबल गोल्ड

भोपाल। इंडियन पैडलर्स ने उम्दा प्रदर्शन जारी रखते हुए बड़ी झील में जारी ओपन इंटरनेशनल केनो स्प्रिंट कॉम्पीटिशन में पांच स्वर्ण पदक जीते हैं। स्पर्धा के दूसरे दिन रविवार को मेजबानों के हिस्से में 17 पदक आए। इससे उसके पदकों की कुल संख्या 25 पहुंच गई है। शनिवार को भारतीय खिलाडिय़ों ने पांच स्वर्ण, छह रजत और इतने ही कांस्य पदक अपने नाम किए। ओवरऑल पदक तालिका में मेजबानों के खाते में सात स्वर्ण, नौ रजत और इतने ही कांस्य पदक हैं। इसके अलावा पुर्तगाल नौ स्वर्ण पदकों के साथ पदक तालिका की चोटी पर कायम है।

सुनील ने फिर जीते दो स्वर्ण पदक
पुरुष वर्ग की सी-2, 500 मीटर रेस में सालम सुनील सिंह और गौरव की जोड़ी ने 01:53:601 मिनट का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता। कजाकिस्तान (01:56:741) को रजत और भारत के अजीत कुमार और राजू रावत की जोड़ी (01:59:151) को कांस्य मिला। सी-2. 200 मी. को सुनील सिंह और गौरव तोमर ने 00:40:259 मिनट में पूरा कर सोना जीता। कजाकिस्तान (00:41:012) को रजत और भारत के अजीत व राजू रावत (00:42:992) को कांसा मिला।

पुर्तगाली छाए रहे
इन सब के अलावा पुर्तगाली खिलाडिय़ों ने के-1 और के-2, 200 और 500 मीटर की रेसों (महिला-पुरुष) में स्वर्ण पदक जीते। वहीं सी-1, 500 मीटर रेस का स्वर्ण पदक तजाकिस्तान के शहरियोर डेमिना ने जीता। उन्होंने इस रेस को 00:25:959 मिनट में पूरा किया। इसका रजत चाइनीज ताइपे (00:26:069) और कांस्य (00:27:087) भारत के हिस्से आया।
अनुषा ने दिलाया पहला सोना
दिन का पहला सोना अनुषा प्रसाद ने सी-1 वुमन 500 मी. रेस में जीता। उन्होंने 02:30: 301 मिनट में दूरी तय की। मीरा दास (02:31:493) दूसरे और नाइजीरिया की इम्मानुअल (02: 32:048) तीसरे पर रहीं। सी-2 वुमन 500 मी. में अंजली वशिष्ठ और इनोचा देवी (02:19:496) ने स्वर्ण जीता। रजत पदक भी भारत को मिला। सी-2 200 मी. रेस में अंजली वशिष्ठ और इनोचा देवी (00:51:817) अव्वल रही। नमिता चंदेल और अनुषा ने रजत जीता।

मफाल्दा ने जीत लिए 5 गोल्ड
पुर्तगाल की मफाल्दा ब्रावो ने कॉम्पीटिशन में 5 गोल्ड मेडल जीते हैं। रविवार को के-1 वुमन 500 मी. और के-4 मिक्स्ड 500 मी. में एक-एक गोल्ड जीता। इससे पहले के-2, 200 व 500 और के-4, 200 मीटर में एक-एक गोल्ड जीता था। 19 वर्षीय यह खिलाड़ी पहली बार इंटरनेशनल मैच के लिए इंडिया आई है।

पहली बार चलाई केनो
केन्या के केल्विन नबांगो और विंसेंट आंडो के लिए यह कॉम्पीटिशन यादगार रहा। उन्होंने पहली बार केनो स्पिं्रट बोट चलाया। वे बताते हैं कि केन्या में वाटरस्पोट्र्स के लिए वोट अच्छी नहीं हैं। उनकी क्वालिटी भी इंटरनेशनल लेवल की नहीं हैं लेकिन यहां केनो बोट चलाना यादगार लम्हा रहा।



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