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भाजपा अपने दो उम्मीदवारों के बदल सकती है टिकट, केन्द्रीय मंत्री की सीट पर भी खतरा


भोपाल. लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने मध्यप्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से अब 18 उम्मीदवारों के नाम तय किए हैं। सूत्रों को कहना है कि भाजपा अब अपने दो उम्मीदवारों को बदल सकती है। मुरैना लोकसभा सीट से भाजपा ने केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को टिकट दिया है। वहीं, शहडोल संसदीय सीट से कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुई हिमाद्री सिंह को उम्मीदवार बनाया है। लेकिन भाजपा अब अपने इन दोनों उम्मीदवारों को बदल सकती है।

भोपाल से चुनाव लड़ सकते हैं नरेन्द्र सिंह तोमर
केन्द्रीय मंत्री को मुरैना की जगह भोपाल लोकसभा से टिकट दिया जा सकता है। यहां से कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को उम्मीदवार बनाया है। माना जा रहा है कि दिग्विजय के खिलाफ भाजपा तोमर को उतार सकती है। वहीं, दूसरी तरफ बगावत के कारण भाजपा शहडोल उम्मीदवार को भी बदल सकती है। दिग्विजय सिंह के भोपाल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा होने के बाद से ही भाजपा लगातार इस सीट पर मंथन कर रही है। भोपाल के लिए शिवराज सिंह चौहान और उमा भारती का भी नाम चल रहा है। हालांकि अंतिम फैसला केन्द्रीय चुनाव समिति को लेना है।

ज्ञान सिंह ने की बगावत
शहडोल संसदीय सीट से भाजपा सांसद ज्ञान सिंह नाराज हैं। ज्ञान सिंह ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि हिमाद्री सिंह के लिए प्रचार नहीं करेंगे इसके साथ ही उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। ज्ञान सिंह ने कहा था कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता की पार्टी ने किसे टिकट दिया है, लेकिन उन्हें अफसोस है कि बिना किसी कारण के उनका टिकट काट दिया गया। उन्होंने कहा कि जिसे मैंने उपचुनाव में हराया था अब उसके समर्थन में वोट कैसे मागूंगा। सासंद ज्ञान सिंह ने कहा था कि क्षेत्र में जब भी पार्टी मुश्किल में घिरी तो मुझे उम्मीदवार बनाया। मैंने पार्टी को निराश नहीं किया और हर बार जीत दर्ज की। मैं हिमाद्री सिंह के लिए प्रचार नहीं करूंगा। संगठन ही बताए कि किस मुंह से वे प्रचार करने जाएं। जिसे मैंने 2016 के उपचुनाव में हराया और जिसके खिलाफ भाषणबाजी की अब उसके लिए वोट किस मुंह से मांगने जाऊंगा।
नरेन्द्र सिंह तोमर के टिकट पर अर्गल ने जताई थी आपत्ति
पांच बार के सांसद अशोक अर्गल ने टिप्पणी करते हुए कहा था, एक पार्टी में दो संविधान कैसे हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि नरेंद्र सिंह तोमर जहां से चाहेंगे वहां से चुनाव लड़ेंगे और अशोक अर्गल को टिकट नहीं मिलेगा। पार्टी के टिकट वितरण में अन्याय पूर्ण रवैये से मैं बेहद अहत और दु:खी हूं। अर्गल ने कहा कि मैं अब स्वतंत्र होना चाहता हूं।


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