आदिवासी बाइक चलाना सीख गए, पर मुंह चलाना नहीं सीखे : मुख्यमंत्री
भोपाल. लोकसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को कांग्रेस ने आदिवासी विकास परिषद के सम्मलेन के बहाने आदिवासी वोट बैंक को साधने की शुरुआत की। इस सम्मेलन में सांसद कांतिलाल भूरिया और मंत्री बाला बच्चन सहित अन्य आदिवासी नेता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने यहां कहा कि आदिवासी ने बहुत कुछ सीखा है, लेकिन उसका भला नहीं हुआ। वे साइकिल और बाइक चलाना सीख गए, लेकिन मुंह चलाना नहीं सीखे हैं। जब तक आदिवासी मुंह चलाना नहीं सीखेंगे, उनका कुछ भला होने वाला नहीं है। आदिवासी को अपना हक मांगना होगा।
मुख्यमंत्री ने यह बात तब कही, जब नाराज आदिवासी विधायक पांचीलाल मेढ़ा कुछ देर पूर्व ही उनसे मिले थे। उन्होंने मेढ़ा को भी मंच पर बैठा लिया था। यह बात उन्होंने मुस्कान के साथ मेढ़ा को देखते हुए कही। कमलनाथ ने कहा कि आदिवासी को भी विकास की जिम्मेदारी उठानी होगी। हमने अपने 75 दिन के काम में सरकार की नीति और नीयत का परिचय दिया है। किसान, आदिवासी, युवा और हर वर्ग के लिए काम किया। प्रदेश में समस्याएं हैं, इसमें कोई शक नहीं है। उन समस्याओं को दूर करने के लिए हमने क्रियान्वयन किया है। पहले की सरकार ने घोषणाएं तो खूब की, लेकिन काम नहीं किया। कमलनाथ ने कांग्रेस के 70 साल में किए कामों को भी बताया। उन्होंने कहा कि जिस मोबाइल फोन से बात करते हो वो कांग्रेस के प्रयास से भारत में आया। भाजपा बांटने का काम करती है, लेकिन हम संगठित और एक करने का काम करते हैं। इस फर्क को पहचानना होगा।
- संगठित होकर काम करो
आदिवासी विकास परिषद अध्यक्ष और सांसद कांतिलाल भूरिया ने कहा कि आदिवासी संगठित होकर काम करें और कांग्रेस को जिताने के लिए जुट जाएं। आदिवासियों को अपना हित पहचानना होगा। भाजपा के लोग भ्रमित करते हैं, उनके जाल को पहचानना होगा। इसी तरह मंत्री ओंकार सिंह मरकाम ने कहा कि आदिवासी अपने अधिकारों को पहचानें। आदिवासियों को अब शिक्षा पर ध्यान देना होगा। शिक्षित होना कई समस्याओं का हल है। उन्होंने कहा कि आदिवासी युवा नशे से दूर रहें। यह नशा पीढ़ी बर्बाद करता है। बिसाहूलाल ने कहा कि आदिवासी अपनी जिम्मेदारी को समझें। प्रदेश के विकास में आदिवासी को भी योगदान देना होगा।
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