घर में झगड़ा कर पटरी पर लेटा युवक और सामने से आ गई ट्रेन
भोपाल। गोविंदपुरा थाने के पुलिसकर्मियों की सतर्कता-सुझबूझ से खुदकुशी करने के लिए कस्तूरबा नगर के पास रेलवे ट्रैक पर पड़े युवक की जान बच गई। संटिंग के लिए जा रहे ट्रेन के इंजन के आने से एक मिनट पहले ही पुलिसकर्मियों ने युवक को ट्रैक से घसीटकर उसे बचा लिया। हालांकि इंजन गुजरने के बाद करीब 10 मिनट तक युवक पुलिसकर्मियों से इस बात को लेकर झगड़ता रहा कि वह अब जिंदा नहीं रहना चाहता। पुलिस उसे समझाइश देकर थाने लेकर आई गोविंदपुरा टीआई अशोक सिंह परिहार ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे पुलिस को कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि कस्तुरबा नगर के पास रेलवे ट्रैक पर एक युवक की लाश पड़ी है। सूचना मिलते ही एफआरवी में तैनात एएसआई रामसजीव वर्मा, प्रधान आरक्षक बाबूलाल, सिद्धार्थ जामनिक को भेजा। पुलिस मौके पर पहुंची ही थी कि करीब 500 मीटर दूर संटिंग के लिए जा रहा ट्रेन इंजन आता दिखा। यह देख पुलिसकर्मियों ने ट्रैक पर पड़े युवक को घसीटकर ट्रैक के किनारे किया। वह जिंदा था। युवक ने पुलिस से अपनी पहचान सुदामा नगर ऐशबाग निवासी 23 वर्षीय सचिन नामदेव बताया है। वह एमपी नगर में एक शापिंग मॉल में नौकरी करता है।
हम लोगों को भी लगा लाश पड़ी है
घटना स्थल पर जब मैं अपने स्टॉफ के साथियों के साथ पहुंचा तो यह आभास ही नहीं हुआ कि वह जिंदा है। लाश समझकर हम लोग करीब तीन मिनट तक उसके शरीर को टच नहीं किया। इसी बीच ट्रेन का इंजन आता देख मैं उसके करीब में गया। हाथ लगाया तो उसकी सांस चल रही थी। तब लगा कि वह जिंदा है। ऐसे में उसे तुरंत ही रेलवे ट्रैक से खींचकर किनारे किया। इस दौरान वह चुप्पी साधे रखा। कुछ नहीं बोल रहा था। इसके बाद वह आज मर जाने के लिए चिल्लाता रहा। ट्रैक में सिर पटकने लगा। किसी तरह उसे काबू में कम थाने लेकर आए।
घरेलू विवाद से परेशान होकर आया
युवक ने पुलिस को बताया कि वह घर के विवाद की वजह से खुदकुशी करने के लिए ट्रैक पर पड़ा था। ट्रैक में पडऩे से पहले उसने नशा भी किया था। वरिष्ष्ठ अफसरों की समझाइश के बाद वह घर जाने को तैयार हुआ। करीब दो घंटे की काउंसलिंग के बाद पुलिस ने उसे परिजनों को सौंप दिया है।
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