लोक सेवा केन्द्रों के कर्मचारी हडताल पर, सेवाएं मिलना हुई बंद
राजधानी के कलेक्टोरेट, कोलार, गैस राहत अस्पताल, टीटी नगर एसडीएम दफ्तर के पास बने लोकसेवा केंद्र में काम करने वाले ऑपरेटरों ने शुक्रवार को हड़ताल शुरू कर दी। इसके चलते दिन भर लोकसेवा केंद्र में आवेदन जमा करने के लिए आवेदक चक्कर लगाते रहे। लेकिन यहां पर आने वाले आवेदकों को लौटा दिया गया। इसकी वजह लोकसेवा केंद्र में काम करने वाले ऑपरेटरों को हटाया जाना है। हटाने से नाराज कर्मचारी हडताल पर चले गए हैं। उन्होंने वेतन भी कम मिलने की शिकायत की है।
ऑपरेटरों की हड़ताल के कारण लोकसेवा केंद्रों में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। एक दिन में करीब 700 से 1000 व्यक्ति केंद्र में विभिन्न योजनाओं के संबंध में आवेदन करने आते है। वहीं खसरे की नकल, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र सहित अन्य काम के लिए लोक सेवा केंद्र के माध्यम से ही आवेदन किए जाते है। अशोका गार्डन नितेश तोमर ने बताया कि उन्हें मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन भरा था। लेकिन कलेक्टोरेट के केंद्र पर जाने पर पता चला कि ऑपरेटर हड़ताल पर चले गए हैं। अब शनिवार और रविवार की छुट्टी होने की वजह से सोमवार को ही दफ्तर खुलेगा। इसके बाद ही आय प्रमाण पत्र बनेगा या नहीं इसको लेकर भी अभी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई। मध्यप्रदेश ऑपरेटर संघ के अध्यक्ष रितेश देवनाथ ने बताया कि लोकसेवा केंद्र में लंबे समय से लोग काम कर रहे हैं। यहां पर जो भी नया ठेकेदार आता है। पुराने लोगों को हटा देता है। लोकसेवा केंद्र में यहां पर काम करने वाले लोगों की जॉब की गारंटी नहीं है।
- नहीं मिलता कलेक्टर गाइडलाइन से वेतन
कलेक्टोरेट में वर्तमान में आठ ऑपरेटर काम कर रहे हैं, जिन्हें अलग-अलग वेतन दिया जाता है। यहां काम करने वाले ज्यादातर ऑपरेटर कुशल हैं, लेकिन उन्हें पांच से छह हजार रुपए महीना ही वेतन दिया जाता है। ऐसे में ठेकेदार बदलने से उन्हें निकाल दिया जाता है।
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