कांग्रेस में कलह! पिता के लिए आगे आए जयवर्धन, कहा- सर्वत्र-सर्वदा दिग्विजय; कमलनाथ पर भी तंज - Web India Live

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कांग्रेस में कलह! पिता के लिए आगे आए जयवर्धन, कहा- सर्वत्र-सर्वदा दिग्विजय; कमलनाथ पर भी तंज


भोपाल. भाजपा का गढ़ कही जाने वाली भोपाल संसदीय सीट से इस बार कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को उम्मीदवार बनाया। दिग्विजय सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने के पीछे मुख्यमंत्री कमलनाथ का बड़ा सियासी दांव माना जा रहा है। दिग्विजय सिंह ने टिकट की घोषणा के बाद कुछ नहीं कहा लेकिन उनके समर्थन ने उनके बेटे और कमलनाथ सरकार में मंत्री जयवर्धन सिंह सामने आ गए हैं। उन्होंने एक ट्वीट के माध्यम से कमलनाथ और केन्द्रीय नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं तो दूसरी तरफ दिग्विजय सिंह को चुनौतियों को स्वीकार करने वाला नेता बताया है।

क्या लिखा है जयवर्धन सिंह ने
जय वर्धन सिंह ने ट्विटर पर दिग्विजय सिंह के साथ अपनी एक फोटो पोस्ट की है। उन्होंने लिखा है, "अगर फलक को जिद है ,बिजलियाँ गिराने की तो हमें भी ज़िद है, वहि पर आशियाँ बनाने की सर्वत्र दिग्विजय सर्वदा दिग्विजय।" इस ट्वीट के माध्यम से जयवर्धन ने एक तरफ से संगठन पर हमला किया है तो दूसरी तरफ यह बताने की कोशिश की है कि दिग्विजय सिंह से बड़ा मध्यप्रदेश में कोई नेता नहीं है और वह अपने पिता दिग्विजय सिंह के साथ खड़े हैं।

राजगढ़ मेरी पहली प्राथमिकता
कमलनाथ की घोषणा के बाद दिग्विजय सिंह ने कहा था कि मैं 2020 तक राज्यसभा सांसद हूं। अगर पार्टी मुझे लोकसभा चुनाव लड़ना चाहती है तो मेरी पहली प्राथमिकता राजगढ़ संसदीय सीट होगी लेकिन पार्टी जहां से कहेगी, वहां से चुनाव लड़ूंगा।

अजय सिंह ने भी किया था समर्थन
कांग्रेस नेताओं को पता है कि भोपाल भाजपा की अजेय सीट मानी जाती है ऐसे में दिग्विजय सिंह को भोपाल से लोकसभा चुनाव लड़ाने से कड़ी टक्कर हो सकती है। अजय सिंह ने दिग्विजय सिंह का समर्थन करते हुए ज्योतरादित्य सिंधिया पर हमला बोला हालांकि उन्होंने सिंधिया का नाम नहीं लिया औऱ कहा कि अगर दिग्विजय सिंह भोपाल से चुनाव लड़ सकते हैं तो फिर ग्वालियर-चंबल के नेता मालवा से चुनाव क्यों नहीं लड़ सकते हैं।
भाजपा का गढ़ है भोपाल
भोपाल भाजपा का गढ़ है। कांग्रेस को आखरी बार यहां से 1984 में जीत मिली थी। 1989 से यह सीट भाजपा के पास है तब से यहां से लगातार भाजपा का ही उम्मीदवार चुनाव जीत रहा है।
कमलनाथ को क्या फायदा?
यहां से अगर दिग्विजय सिंह चुनाव जीतते हैं तो उनका कद बढ़ेगा लेकिन अगर दिग्विजय सिंह चुनाव हार जाते हैं तो कहीं ना कहीं केन्द्रीय स्तर पर दिग्विजय सिंह का कद कमजोर होगा और जिसका फायदा कमलनाथ को मिलेगा। अगर दिग्विजय सिंह चुनाव जीतते हैं तो वह दिल्ली की तरफ रूख करेंगे औऱ अगर हार जाते हैं तो संगठन में उनकी पकड़ कमजोर होगी दोनों ही रूपों में कमलनाथ को सियासी फायदा होगा।


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