कारोबार नहीं भी किया तो भी कल से देना होगी पैनाल्टी
भोपाल. यदि किसी टे्रडर्स ने जीएसटी आर3बी में 31 मार्च तक रिटर्न फाइल नहीं किया और व्यवहार (कारोबार) भी नहीं किया तो भी उस पर एक अप्रैल से प्रतिदिन के हिसाब से पैनाल्टी लगेगी। कर सलाहकारों का कहना है कि जीएसटी विभाग ने इसके लिए लोगों को नोटिस जारी नहीं किए। ऐसे में अंतिम तारीख आने के बाद भी सैकड़ों कारोबारी जानकारी के अभाव में रिटर्न फाइल करने से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने इसकी अवधि आगे बढ़ाने की मांग की है।
सामान्य तौर पर तीन तरह के रिटर्न भरने के साथ ही जीएसटी आर3बी भरना जरूरी ह ै। फरवरी माह का जीएसटी आर3बी रिटर्न 31 मार्च तक जमा किया जाना है। रजिस्टर्ड करदाताओं (कम्पोजिशन डीलर को छोड़कर) को तीन तरह के रिटर्न भरना जरूरी है। इनमें से पहला जीएसटीआर-1, जो बिक्री का रिटर्न होता है। यह रिटर्न माह खत्म होने के बाद 10 दिन के अंदर फाइल करना है। इसी तरह जीएसटी आर-2 की रिटर्न महीना खत्म होने के 15 में फाइल करना जरूरी है। फाइनल रिटर्न जीएसटी आर-3 होती है। इसमें खरीद -बिक्री के अंतर को निकालकर रिटर्न भरना है। इसे महीना खत्म होने के 20 दिन के भीतर भरना पड़ता है। इसके साथ ही जीएसटी आर3बी रिटर्न है। इसमें कारोबारी को लेन-देन की महीने भर की जानकारी देनी होती है।
कर सलाहकारों के मुताबिक बीते माह फरवरी का जीएसटी आर3बी रिटर्न 31 मार्च तक जमा नहीं किया तो प्रतिदिन के हिसाब से पैनाल्टी लगेगी। खास बात यह भी है कि जिन लोगों ने फरवरी माह का रिटर्न 31 मार्च तक फाइल नहीं किया और वे मार्च माह का रिटर्न जमा करना चाहते हैं तो रिटर्न जमा नहीं होगा। ऐसे में पैनाल्टी की राशि बढ़ती जाएगी।
एडवोकेट विनय श्रीवास्तव बताते हैं कि सरकार ने नियम तो बना दिए, लेकिन रिटर्न प्रोसेस धीमा है। कई लोग रिटर्न दाखिल नहीं कर पाते। ऐसे में उन्हें पैनाल्टी भरना पड़ता है। सरकार को रिटर्न फाइल करने की अवधि को दो माह आगे बढ़ाना चाहिए।
वर्जन
सरकार को चाहिए कि जिन व्यापारियों द्वारा कोई टर्नओवर नहीं किया गया है उन्हें इस रिटर्न को भरने से छूट देना चाहिए। इसकी जगह एक सालाना डिक्लीयरेशन व्यापारी से लिया जाना चाहिए।
राजेश जैन, उपाध्यक्ष, टैक्स लॉ बार एसोसिएशन
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