गैंट्री: ठेकेदार को करोड़ों का मुनाफा, निगम की जेब अब तक खाली - Web India Live

Breaking News

गैंट्री: ठेकेदार को करोड़ों का मुनाफा, निगम की जेब अब तक खाली

भोपाल। राजधानी में सांठगांठ कर लाभ वाले स्थानों पर लगाए गए नेवीगेशन डिवाइस (गैंट्री) से इस वित्तवर्ष में भी निगम की जेब में कोई राशि नहीं पहुंची है। सालाना करीब दो करोड़ रुपए की कमाई की आस लगाने वाला निगम ठेका एजेंसी यूनिकॉर्प प्रायवेट लिमिटेड को सिर्फ नोटिस जारी करने तक ही सीमित है। उसकी जेब में कोई राशि नहीं पहुंची है। इसके उलट ठेका कंपनी के लिए ये गैंट्रियां होर्डिंग का काम कर रही है। प्रतिमाह वह इनसे दस करोड़ रुपए से अधिक की राशि कमा रहा है।

हैरत तो ये है कि जो कांग्रेस गैंट्री स्थापना और इसमें हुई गड़बडि़यों की लगातार शिकायतें कर रही थी, सरकार बनने के बाद वह पूरी तरह से मौन है। गौरतलब है कि शहरवासियों को दिशा और क्षेत्रों की जानकारी देने के लिए तय १६० स्थानों की बजाय यूनिकॉर्प ने लाभ वाले क्षेत्रों पर गैंट्रियों की स्थापना की। ४० फीसदी से अधिक गैंट्रियों के लिए बाद में स्थान बदलवाए गए। स्थिति ये हैं कि कई क्षेत्रों में गैंट्रियों के बीच की दूरी ५० मीटर से भी कम है तो कुछ क्षेत्रों में कोई नेविगेशन डिवाइस स्थापित नहीं है।

लोकायुक्त में शिकायत, कार्रवाई कुछ नहीं
इस मामले में तमाम गड़बडि़यों की दस्तावेज के साथ निगम अधिकारियों समेत लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत पर लोकायुक्त ने मामला दर्ज कर जांच शुरू तो की, लेकिन अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई।

हवा के झोंके से गिरी थी गैंट्री, रिपोर्ट में प्रचार सामग्री के वजन को बताया कारण

मनमर्जी के स्थानों के साथ ही गैंट्री स्थापना में मजबूती का भी ध्यान नहीं रखा गया। करीब दो साल पहले बाणगंगा चौराहे पर हवा के तेज झोंके से गैंट्री मुडक़र जमीन पर गिर गई थी। बड़ा हादसा टला। निगम पर जांच का जिम्मा आया। नोटिस जारी कर सवाल जवाब किए और रिपोर्ट में बता दिया गया, उस समय कांग्रेस की रैली थी, गैंट्री के पोल पर प्रचार सामग्री टांगी थी, उससे मुड़ गई। उसके बाद फाइल बंद कर दी गई।

सांठगांठ से आमजन को ये नुकसान
दरअसल शहर में स्थापित तमाम दिशासूचक बोर्ड के स्थान पर नई गैंट्री लगाना तय हुआ था। इनका उद्देश्य लोगों को रास्तों व क्षेत्रों की जानकारी देना था। अब ये जनता की जरूरत वाले स्थान की बजाय लाभ वाले स्थान पर लगा दी, जिससे दिक्कत बढ़ गई। इनकी कमजोर स्थापना से हवा-आंधी से दुर्घटना की आशंका बन रहती है।

गैंट्री में गड़बड़ी की बात सामने आई थी। इससे आय व्ययकी स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा गया है। जरूरत हुई तो कार्रवाई भी की जाएगी।
- जयवद्र्धनसिंह, मंत्री नगरीय प्रशासन



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2UrSr6p
via

No comments