IAS की तर्ज पर सीएस स्टूडेंट्स को लेनी होगी तीन महीने की रेजिडेंशियल ट्रेनिंग
भोपाल। भारतीय कंपनी सचिव संस्थान सीएस कॉम्पीटिशन टफ करने जा रही है। सीएस स्टूडेंट्स के लिए यह बदलाव 2022 से लागू होंगे। नए नियमों के तहत उनके लिए 24 महीने की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग शुरू की जाएगी। साथ ही मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री नेशनल अकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन में होने वाले आईएएस ट्रेनिंग प्रोग्राम की तर्ज पर तीन महीने की स्किल ट्रेनिंग के कॉन्सेप्ट को डिजाइन किया गया है। स्टूडेंट्स के लिए यह ट्रेनिंग सेशन अनिवार्य होगा। अभी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग ऑप्शनल होती है। जिसमें तीन, दो और एक साल की ट्रेनिंग का ऑप्शन है। इससे सीएस स्टूडेंट्स में स्किल की कमी रह जाती है। इसी वजह से 2022 में 24 महीने की ट्रेनिंग कंपलसरी होगी। 24 महीने के इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में सीएस स्टूडेंट्स को चीफ गवर्नेंस, कम्यूनिकेशन, लीगल और मैनेजमेंट स्किल्स की ट्रेनिंग दी जाएगी। संस्थान के पदाधिकारियों का कहना है कि इससे स्टूडेंट्स का ओवरऑल डेवलपमेंट हो सकेगा। फील्ड में पोस्टिंग के दौरान वे विभिन्न परिस्थितियों का सामना कर अपना का बेहतर तरीके से करना सीख सकेंगे।
भोपाल चैप्टर के चेयरमैन योगेश खाकरे के अनुसार 2022 में सीएस स्टूडेंट्स को ऑनलाइन एंट्रेंस एग्जाम देना होगा। विजन 2022 में सीएस एजुकेशन की क्वालिटी सुधारने के लिए सिलेबस में बदलाव किया है। ऑनलाइन प्रक्रिया की तैयारियां जल्द ही शुरू हो जाएगी। न्यू कोर्स के एग्जाम इसी पैटर्न से होंगे। फिलहाल 12वीं करने के बाद कोई भी स्टूडेंट सीएस कर सकता है। साथ ही अलग-अलग स्ट्रीम के स्टूडेंट्स को एक लेवल पर लाने के लिए 2022 से ही ऑनलाइन एंट्रेंस एग्जाम लिया जाएगा। इसे क्लियर करने के बाद एग्जीक्यूटिव कोर्स पास करना होगा। इसके बाद लिस्टेड कंपनियों में 6 महीने की प्रेक्टिकल ट्रेनिंग लेनी जरूरी होगी। फिर तीन महीने की रेजिडेंशियल ट्रेनिंग चार सेंटर में से किसी एक सेंटर से करनी होगी। फाइनल एग्जाम पास करने के बाद 12 महीने की ट्रेनिंग लेनी होगी। आखिर में फिर तीन महीने की ट्रेनिंग लेनी जरूरी होगी। इस पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2uoq6m5
via
No comments