MP Lok Sabha polls: कांग्रेस नेता ने दिया इस्तीफा, मचा हड़कंप!
भोपाल. धरमपुरी से कांग्रेस विधायक पांचीलाल मेड़ा ने शुक्रवार को सीएम कमलनाथ को इस्तीफा भेज दिया। शराब ठेकेदार के अभद्र व्यवहार की शिकायत के बाद भी प्रशासन द्वारा कार्रवाई न किए जाने से नाराज मेड़ा ने पत्र लिखकर कमलनाथ से कहा कि दोषियों पर कार्रवाई करें या उनका इस्तीफा मंजूर कर लें। यह पत्र सोशल मीडिया में वायरल हुआ तो हंगामा मच गया।
मंत्री बाला बच्चन और प्रद्युम्न सिंह तोमर उन्हें मनाने एमएलए रेस्ट हाउस पहुंचे। बच्चन ने कमलनाथ से बात कराने का आश्वासन दिया तो मेड़ा उनके साथ चलने को तैयार हुए। इसके बाद मानस भवन में उनकी कमलनाथ से मुलाकात कराई गई, लेकिन यहां मेड़ा ने कमलनाथ के सामने अफसरों पर कार्रवाई की शर्त रख दी। इस पर कमलनाथ ने कलेक्टर-एसपी को हटाने के निर्देश दिए। साथ ही स्थानीय आबकारी अधिकारी और शराब कारोबारी पर कार्रवाई की बात कही।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार ने कलेक्टर-एसपी को हटाने के लिए चुनाव आयोग को तीन-तीन नामों का पैनल बनाकर भेज दिया। आयोग की मंजूरी मिलते ही अधिकारी बदल दिए जाएंगे।
जान को खतरा बता बंधक बनाने का आरोप
मेड़ा ने जान को खतरा बताते हुए कमलनाथ से कहा कि धामनोद और सुन्दे्रल शराब दुकान के ठेकेदार ने अभद्र भाषा और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने इसकी शिकायत की तो भी स्थानीय प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। मेड़ा ने आरोप लगाया कि धार के सहायक जिला आबकारी अधिकारी राधेश्याम राय शराब माफिया को सहयोग करते हैं। मेड़ा ने कहा, जब वे शिकायत करने पुलिस के पास गए तो शराब कारोबारियों के समर्थकों ने उन्हें चार घंटे तक बंधक बनाए रखा।
विधायक ने इस मामले में एसपी वीरेन्द्र कुमार से कार्रवाई की बात कही तो उन्होंने उलटे विधायक को ही पिछले रास्ते से निकल जाने को कहा। विधायक की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने नाराज होते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि को इस तरह की स्थिति का सामना क्यों करना पड़ रहा है? उन्होंने तुरंत कलेक्टर-एसपी को हटाने के निर्देश दिए।
...और कार्रवाई शुरू
विधायक मेड़ा की शिकायत के बाद देर शाम सहायक जिला आबकारी अधिकारी राधेश्याम राय को धार से शाजापुर के लिए रिलीव कर दिया गया। राय का तबादला 8 मार्च को ही हो चुका था।
- रुपयों की डिमांड
विधायक मेड़ा पर आरोप है कि उनके कुछ समर्थकों ने शराब ठेकेदार फूलबदन सिंह को महेश्वर चौराहे पर बुलाया। यहां से वे उसे गाड़ी में बैठाकर विधाायक के दफ्तर ले गए, जहां उनके बीच बात हुई। हालांकि शराब ठेकेदार ने इसे रुपयों की डिमांड के लिए अपहरण बताया और मारपीट का आरोप लगाकर विधायक के खिलाफ पुलिस में शिकायत की।
यह पार्टी का अंदरूनी मामला है। विधायक मेढ़ा की सीएम से बात हो चुकी है। अब कोई विरोध नहीं है।
बाला बच्चन, मंत्री, गृह विभाग मप्र
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