बारिश में फेल हो सकता है शहर का बिजली सिस्टम
भोपाल. बारिश की बौछारों, हवा-आंधी के झोंकों से भोपाल समेत मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का पूरा बिजली वितरण सिस्टम फेल हो सकता है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि बिजली कंपनी ने भोपाल समेत पूरे मध्यक्षेत्र के शहरों में लाइन रखरखाव का काम पूरी तरह बंद कर दिया है, जबकि बारिश के पूर्व मेंटेनेंस को तेज करना था। मेंटेनेंस बंद करने के पीछे बिजली इंजीनियरों पर लगातार कार्रवाई को वजह बताया जा रहा है।
कंपनी स्तर पर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि लाइन फिलहाल कहीं भी बंद न करें। रखरखाव के लिए बेहद जरूरी हो तो मुख्यालय स्तर पर चर्चा करके ही बंद की जाए। ऐसे में जोन से लेकर डिविजन और सर्कल स्तर के इंजीनियरों का पूरा फोकस कैसे भी हो, बिजली आपूर्ति बाधित न हो, इस पर ही है।
ऐसे में लाइन से लेकर पोल और ट्रांसफार्मर, सब स्टेशन स्तर पर सामने आ रही सुधार लायक गड़बडिय़ों को फिलहाल नजर अंदाज किया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि गड़बड़ी को शुरुआती स्तर पर ही दुरूस्त कर लिया जाए तो आंधी-बारिश में आपूर्ति अधिक प्रभावित नहीं होती। छोटी गड़बडिय़ों को लगातार नजर अंदाज करने के नतीजे में पूरा सिस्टम फैल होने की स्थिति भी बन सकती है।
इसलिए जरूरी
मानसून पूर्व मेंटेनेंस में शेड्यूल तय कर पूरी बिजली लाइन की चैकिंग की जाती है। इसके लिए चुनिंदा क्षेत्रों में कटौती की जाती है।
इसमें टूटे या कमजोर जंफर, कंडक्टर, डिस्ट इंसूलेटर, एचटी लाइन के नीचे गार्डिंग, एबी स्वीच समेत ट्रांसफार्मर में ऑयल की स्थिति, लाइन से पेड़ों की दूरी जैसे काम मेंटेनेंस में होते हैं। बारिश के चार माह में कोई मेंटेनेंस नहीं हो सकता, ऐसे में अगले एक माह में ही शहर की करीब 3000 किमी लंबी बिजली लाइन देखना है, ताकि बारिश में बिजली गुल या फॉल्ट की स्थिति न बने।
अलग से हैं मेंटेनेंस डिविजन
बिजली लाइन रखरखाव करने के लिए अलग से मेंटेनेंस टीम बना रखी है।
पहले एलटी व एचटी लाइन की अलग-अलग विंग थी, लेकिन अब एचटी लाइन की टीम ही पूरा रखरखाव देखती है। भोपाल सिटी सर्कल में एचटी मेंटेनेंस डिविजन बना रखा है और इसके उपमहाप्रबंधक शिराज खान है। खान का कहना है कि अभी तो मेंटेनेंस बंद है, लेकिन हमारी लाइन पर पूरी नजर है, किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी।
मेंटेनेंस नहीं हुआ तो यहां बढेग़ी दिक्कत
- ओल्ड भोपाल के परीपार्क, आरिफ नगर, छोला, करोंद के साथ ही बैरागढ़ में तारों की उलझन अब भी है।
- शहर के नए हिस्से में अरेरा कॉलोनी, शाहपुरा में पेड़ों की टहनियां कई जगह पर बिजली लाइन तक पहुंच चुकी है और फॉल्ट का सबब बनती है। हर डेढ़ माह में इनकी छंटाई जरूरी है। बारिा मे तेजी से बढ़ेगी।
- राजभवन क्षेत्र, बाणगंगा, होशंगाबाद रोड, कटारा, विद्यानगर, एमपी नगर में लाइन पर ओवरलोडिंग होने से यहां के डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर में ऑयल व कटआउट, पोल पर जंफर की स्थिति जांचना जरूरी है।
- बारिश के पहले खुली डीपी के आसपास गार्डनिंग करना, इन्हें बंद करना अनिवार्य है।
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