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आम्र्स दुकानों पर हथियारों की सुरक्षा में चूक, कारतूस के स्टॉक में हेराफेरी

भोपाल। राजधानी में हुई आम्र्स दुकानों की जांच रिपोर्ट में भारी लापरवाही उजागर हुई है। दुकान के स्वीकृत ले आउट से छेड़छाड़ की गई है, जिससे दुकान में रखे हथियार असुरक्षित हो गए। कारतूस के स्टॉक में 2013 से नियमों की धज्जियां उड़ाईं गई जो सीधा-सीधा कारतूस में हेराफेरी के संकते देता है।

एक दुकान पर 1985 से तीन हथियार बिना अनुमति के रखे मिले। 5 हथियारों का रिकॉर्ड ही रजिस्टर्ड में नहीं है। इस गंभीर चूक पर कलेक्टर सुदाम खाडे ने तीन दुकानदारों को नोटिस जारी कर 3 मई तक जवाब देने को कहा है। न देने की स्थिति में उन पर एक तरफा कार्रवाई में लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।

कलेक्टर के निर्देश पर 17 अप्रैल को 42 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने जिले की आम्र्स दुकानों की जांच की थी। सेफिया कालेज स्थित अकबर आर्मरी में जांच के दौरान पता चला कि दुकान का ले आउट चेंज करते हुए एक दीवार ही हटा दी है। इससे दूसरी दुकान का व्यक्ति आसानी से इधर आ जा सकता है। जांच रिपोर्ट में इसे हेराफेरी का संकते माना है।

5 हथियार स्टॉक से ज्यादा निकले, इस संबंध में की गई पूछताछ में दुकानदार की तरफ से कोई वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया, न स्टॉक रजिस्टर में इनका जिक्र था। तीन अन्य बंदूकें 1985, से दुकान पर रखी मिलीं। जबकि नियम कहता है कि एक साल से ज्यादा हथियार को दुकान पर रखने के लिए कलेक्टर की परमिशन लेनी होती है, यहां परमिशन नहीं ली थी। कारतूस रजिस्टर की जांच में वर्ष 2013 से 2019 तक के स्टॉक में अनियमितता पाई गई। रिपोर्ट में इसे हेराफेरी का संकेत बताया है। ये कारतूय रायफल, रिवाल्वर, .32 बोर रिवाल्वर, .22 बोर रिवाल्वर, 12 बोर के हैं। इनकी संख्या भी ज्यादा है।

ये भी लापरवाही आई सामने
- चुनाव के समय सेफ कस्टडी में रखे गए के संबंध में कितना किराय लिया इसकी जानकारी भी नहीं मिली।

- हमीदिया रोड स्थित इंदौर बंदूक हाउस पर जांच के दौरान प्रोपराइटर शेख आबिद की जगह जूजर अली, राम किशन और अली अजगर बैठक मिले। जो नियम का उल्लंघन है। दुकान पर स्टॉक का बोर्ड नहीं था, सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा गार्ड भी नहीं मिला।


- बाल विहार रोड स्थित भोपाल बंदूक घर की जांच में पाया गया कि प्रोपराइटर औसाफ मौहम्मद खान ने लाइसेंस नवीनीकरण कराते समय शपथ पत्र में बताया था कि दुकान पर सीसीटीवी कैमरा, गार्ड और अग्नीशमन यंत्र लगे हुए हैं। लेकिन मौके पर कुछ नहीं मिला। इसे शासन को गुमराह करने का कृत्य माना गया है। नोटिस बोर्ड पर स्टॉक की जानकारी अंकित नहीं की गई थी।

जांच के बाद जो लापरवाही सामने आई है उसे देखते हुए तीन दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। उनकी तरफ से क्या जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अगर जवाब नहीं मिला तो एक तरफा कार्रवाई होगी।
सतीश कुमार, एडीएम



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