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सवा लाख टन अनाज खरीदी का अनुमान, आधे की भी नहीं है भंडारण की व्यवस्था

भोपाल। प्रदेश में समर्थन मूल्य पर सवा लाख टन अनाज खरीदी का अनुमान है। अब तक २५ लाख टन अनाज की खरीदी की जा चुकी है। लेकिन अनाज भंडारण की समस्या का समाधान नहीं होने से सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ गईं हैं।

फिलहाल प्रदेश में महज ६० लाख टन अनाज भंडारण की क्षमता है। खाद्य विभाग ने भंडार निगम को कई जिलों में 24 लाख टन अनाज भंडारण के लिए खुले कैप बनाने के निर्देश दो माह पहले ही दिए थे, लेकिन अधिकारियों की सुस्ती के चलते अभी तक कैप बनाने की शुरूआत ही नहीं हुई है।

गौरतलब है कि पिछले साल सौ लाख टन अनाज की खरीदी हुई थी। गोदाम की समस्या के चलते करीब 7 लाख टन गेहूं, चना, ससूर, सरसों खरीदी केन्द्रों और खुले कैप में भींगने से खराब हो गया था। इस वर्ष खरीदी का लक्ष्य अधिक है और भंडारण की व्यवस्था जस की तस बनी हुई है।

सरकार यह तय नहीं कर पा रही है कि अतिरिक्त अनाज का भंडारण वह कहां कराए। जहां गेहूं की आवक ज्यादा है, वहां गोदामों की समस्या अधिक है।

इसके चलते अनाज का परिवहन सौ से डेढ़ सौ किलोमीटर तक करना होगा। इससे गेहूं के परिवहन का खर्च कई गुना बढ़ जाएगा। रायसेन, राजगढ़, पन्ना, टीकमगढ़, शिवपुरी, सागर, उज्जैन, होशंगाबाद सहित करीब एक दर्जन जिलों में खुला गोदाम बनाने के लिए आदेश जारी किए गए थे, कलेक्टरों ने भंडार निगम को जमीन भी उपलब्ध कराई थी, लेकिन यह कैप आज तक नहीं बन पाए हैं।


पुराने अनाज से अटे हैं गोदाम

पिछले साल खरीदा गया बीस लाख टन अनाज अभी भी गोदामों में रखा हुआ है, इसे एफसीआइ ने नहीं उठाया। इससे भी गोदाम की समस्या बढ़ी हुई है। राज्य सरकार एफसीआइ को अनाज उठाने के लिए पिछले चार माह से बार-बार पत्र लिख रही है, लेकिन अनाज अब भी गोदामों में डंप है। जिसका किराया सरकार पर भारी पड़ रहा है।


जांच में देरी से दिक्कत

इस बार अनाज परिवहन को लेकर भी दिक्कत आ रही है। दरअसल अनाज की गुणवत्ता की जांच गोदामों में की जा रही है। इससे अतिरिक्त समय लगने से गोदामों के बाहर लंबी कतार लग रही है। इसका असर आवागमन पर भी पड़ रहा है।

भंडार निगम के एमडी अशोक वर्मा ने दी सफाई
फिलहाल निगम के पास 83 लाख टान अनाज भंडारण की व्यवस्था है, 19 लाख टन भंडारण के लिए खुले कैप बनाए जा रहे हैं।

10 जगह साइलो बैग लगाए गए हैं। कुछ जिलों में भंडारण की दिक्कत आ सकती है तो वहां से अनाज दूसरे जिलों में अनाज भेजा जाएगा। गोदाम की समस्या इस लिए भी हो रही है क्योंकि पिछले साल का 70 लाख टन अनाज अभी गोदामों में रखा हुआ है, इसे नेफेड और एफसीआई नहीं उठा रहा है।



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