अक्षय तृतीया के दिन कभी ना करें ये गलतियां, वरना नाराज हो जाएगी देवी लक्ष्मी - Web India Live

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अक्षय तृतीया के दिन कभी ना करें ये गलतियां, वरना नाराज हो जाएगी देवी लक्ष्मी

अक्षय तृतीया को आखा तीज भी कहा जाता है। इस दिन खासकर सोना खरीदने की मान्यता है जो कि बहुत ही शुभ माना जाता है। इस बार 7 मई 2019, मंगलवार के दिन अक्षय तृतीया पड़ रही है। कहा जाता है इस दिन सोना, चांदी या कोई भी अन्य नई वस्तु खरीदने से घर में हमेशा बरकत बनी रहती है और दान-पुण्य, धर्म पूजा-पाठ, यज्ञ करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति भी होती है। अक्षय तृतीया का महत्व धनतेरस की तरह ही होता है। इस दिन विधि-विधान से साधना-आराधना करने वाले साधक पर मां लक्ष्मी विशेष कृपा बरसती है। लेकिन इस दिन जल्दबाजी में अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं जिनके कारण हमें शुभ फल नहीं मिल पाते है और मां लक्ष्मी भी नाराज़ हो जाती हैं। तो आइए जानते हैं वो गलतियां....

akshay tritiya 2019

1. अक्षय तृतीया के दिन दान करने का विशेष महत्व माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन दान करने से व्यक्ति को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन दान देते समय सुपात्र का विशेष ध्यान रखें, नहीं तो शुभ फल की बजाय आपको अशुभ फल के स्वरुप जीवन में नकारात्मक असर मिलने लगेगा। दान देते समय ध्यान रहे की आपका दान किसी जरूरतमंद के लिए हो।

2. अक्षय तृतीया के दिन भगनाव विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा सच्चे मन से करनी चाहिए। पूजा करते समय मन में किसी के प्रति द्वेष भावना न रखें और न ही पूजन के किसी पर क्रोध करें। यदि आप मन में ऐसी भावना रखते हैं तो लक्ष्मी आपके पास नहीं ठहरती।

3. धनतेरस की तरह अक्षय तृतीया के दिन भी खरीदारी का विशेष महत्व होता है। शुभता के लिए इस दिन कुछ न कुछ खरीदें और खाली हाथ वापस घर न लौटें। इस दिन खाली हाथ घर लौटना शुभ नहीं माना जाता है। यदि संभव न हो तो सोने की जगह आप अपनी क्षमता के अनुसार कोई अन्य धातु की वस्तु या जरूरत का सामान खरीद सकते हैं।

4. मां लक्ष्मी को स्वच्छता और साफ सफाई बहुत ही प्रिय है। दअरसल, स्वच्छता और सुव्यवस्था के स्वभाव को भी 'श्री' कहा गया है। जिस घर में सामान व्यवस्थित रहती है और घर में साफ-सफाई रहती है वहां लक्ष्मी जी हमेशा वास करती है। इसलिए अक्षय तृतीया के दिन भी घर में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।

5. अक्षय तृतीया के दिन लक्ष्मी जी के साथ-साथ भगवान विष्णु की पूजा भी की जाती है। भगवान विष्णु की पूजा में प्रसाद के साथ तुलसी का भी प्रयोग किया जाता है। ध्यान रहे की तुलसी पत्ता उसी दिन स्नान के बाद तोड़ा जाए। अन्यथा शुभ फल की बजाय अशुभ फल मिलता है।

6. अक्षय तृतीया के दिन बुजुर्गों की सेवा कर उनका आशीर्वाद लेना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति इस दिन अपने से बड़ों का अपमान या फिर अनादर करता है या फिर अपशब्दों का प्रयोग करता है तो उसे शुभ की बजाय अशुभ फल प्राप्त होता है।



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