भारतीय नागरिकों से ठगी करने वाले नाइजीरियन दंपति को पुलिस ने किया गिरफ्तार, अभी तक कर चुके है करोड़ों की ठगी
भोपाल। भारतीय नागरिकों से ठगी करने वाले नाइजीरियन दंपति को भोपाल साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि नाइजीरियन दंपति भोपाल की महिला से 10 लाख की ठगी की थी। नाइजीरियन दंपति के पास से पुलिस ने 15 मोबाइल फोन, पासबुकख् लैपटॉप, सिम, विदेशी करेसी, 17 क्रेडिट और डेबिट कार्ड बरामद किए है। नाइजीरियन दंपति पिछले डे ढ़ साल से मेडिकल वीजा पर भोपाल आए थे।
सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल से सावधान रहें...
साइबर क्राइम पुलिस ने बताया की कस्टम विभाग से गिफ्ट छुड़ाने के नाम पर नाइजीरियन दंपति लोगों से ठगी करते थे। पूछताछ में अभी तक करोड़ों की ठगी खुलासा हो चुका है। साइबर क्राइम पुलिस ने बताया कि ये दंपति सोशल मीडिया पर लोगों से दोस्ती कर ठगी करते थे। सायबर सेल के DG राजेश गुप्ता ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल से सावधान रहे।
गूगल से फ्रॉड करना सीखकर ठगी को दिया अंजाम...
लगभग 15 दिन पहले एम्स भोपाल में ठगी करने वाले फर्जी डॉक्टर आनंद मिश्रा एम्स में लचर सुरक्षा व्यवस्था को देखकर गूगल से फ्रॉड करना सीखा था और ठगी को अंजाम देना शुरू कर दिया था।
आनंद मिश्रा ने बताया कि जब वह भोपाल एम्स में भर्ती था, तब सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल की थी। यहां कोई कहीं भी जा सकता है। अन्य एम्स भी देखे, लेकिन सभी जगह सुरक्षा चाक चौबंद थी।
इसके चलते भोपाल एम्स में ही ठगी की साजिश रची। वह बाद में एम्स भोपाल में डॉक्टर बनकर नियमित आने-जाने लगा, इससे सुरक्षा एजेंसी और स्टाफ को विश्वास हो गया कि वह डॉक्टर है। उसने बताया कि चूना लगाने की तकनीक उसने गूगल से सीखी थी।
पिछले दिनों गोंडा (उत्तरप्रदेश) का रहने वाला आनंद एम्स में फर्जी इंटरव्यू लेते समय पुलिस के हत्थे चढ़ गया था। पुलिस उसे एम्स अस्पताल स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा की ब्रांच लेकर पहुंची थी।
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