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पूरा टैक्स देने के बाद भी रहवासियों को नहीं मिल रहीं मूलभूत सुविधाएं

भोपाल/ भेल/कटारा/अवधपुरी. भेल क्षेत्र की करीब 650 ऐसी कॉलोनियां हैं, जो पिछले 20 साल में भी नगर निगम सीमा में शामिल नहीं हो पाई हैं। इसमें कटारा हिल्स, अवधपुरी, अयोध्या बायपास सहित भेल क्षेत्र की सैकड़ों कॉलोनियां शामिल हैं। इन कॉलोनियों के रहवासियों का कहना है कि नगर निगम को पूरा टैक्स देने के बाद भी उन्हें मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।

सांई गार्डन अवधपुरी : अवधपुरी स्थित सांई गार्डन, कंचन नगर, युगान्तर कॉलोनी, आधारशिला, दीप कैम्पस आदि कॉलोनियों के रहवासियों का कहना है कि नगर निगम को पूरा टैक्स देने के बाद भी हम लोगों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। कॉलोनीवासियों को न तो नर्मदा जल मिल पा रहा है और न ही यहां साफ-सफाई ही की जा रही है। नगर निगम द्वारा तैनात सफाईकर्मी यहां फिर कर झांकते तक नहीं।

 

इसकी शिकायत करने पर नगर निगम के जिम्मेदारों का कहना है कि यह कॉलोनी नगर निगम में शामिल नहीं है, ऐसे में हम यहां नगर निगम की सुविधाएं नहीं दे सकते। कॉलोनीवासियों को खुद की जेब ढीली करके सफाई करानी पड़ती है। नरेश मालवीय, सुधीर वर्मा, चिमनलाल आर्या सहित कॉलोनी के अन्य लोगों का कहना है कि नर्मदा लाइन बिछाई जाने के बाद भी कॉलोनी के रहवासियों को कनेक्शन नहीं दिया जा रहा है।

नगर निमगम बल्क कनेक्शन देने पर अड़ा है, जबकि कॉलोनी के रहवासी इंडीविजुअल कनेक्शन की मांग कर रहे हैं। पूर्व सोसायटी अध्यक्ष केपी चौकसे का कहना है, बल्क कनेक्शन के लिए पहले एकमुश्त राशि देनी होगी फिर पानी सप्लाई करना और बिल वसूलना टेढ़ी खीर है।



कंचन नगर : इस कॉलोनी के रहवासियों का कहना है कि 10 साल बीतने के बाद भी हमारी कॉलोनी नगर निगम सीमा में शामिल नहीं हो पाई है। यहां की रहवासी ममता वाष्र्णेय, वंदना देशपाण्डेय, मोनिका शर्मा, नीलू गंगवार, शांति जायसवाल, लक्ष्मी भवसार आदि का कहना है कि नगर निगम को पूरा टैक्स देने के बाद भी हम लोगों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कॉलोनी की साफ- सफाई के लिए भी हम लोगों को अपनी जेब से पैसा देना पड़ रहा है। नर्मदा जल भी नहीं मिल पा रहा है।

राजधानी में रहने के बाद भी बिताना पड़ रहा गांव जैसा जीवन: रामेश्वरम एक्सटेंशन के रहवासियों का कहना है कि राजधानी में रहने के बाद भी हम लोगों को गांव जैसा जीवन बिताना पड़ रहा है। इनका कहना है कि नगर निगम को पूरा टैक्स देने के बाद भी हम लोगों को बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। कालोनी के रहवासी राघवेंद्र सिंह रघुवंशी ने बताया कि वर्ष 2000 में कॉलोनी डवलप की गई थी, लेकिन पिछले 19 सालों में भी यह नगर निगम सीमा में शामिल नहीं हो पाई।

 

कॉलोनी की अध्यक्ष रीता जैन का कहना है कि कॉलोनीवासियों द्वारा नगर निगम को पूरा टैक्स दिया जाता है इसके बाद भी हम लोगों को नगर निगम से सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कॉलोनी की सड़कें बदहाल होने के कारण लोगों को चलना भी मुश्किल हो रहा है। डे्रेनेज सिस्टम व्यवस्थित नहीं होने के कारण सीवेज सड़क पर बहता रहता है। कॉलोनी में बना पार्क बदहाल हो चुका है, इसके आसपास अतिक्रमण कर लिया गया है।

इसके बाद भी जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। साथ ही न तो कॉलोनी में साफ-सफाई की जा रही है न ही नर्मदा जल का कनेक्शन ही दिया जा रहा है।



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