सावधान! फैनी तूफान का कहर, मध्यप्रदेश में हो सकती है तेजा हवाओं के साथ बारिश
भोपाल. ओडिशा, तमिलनाडु के बाद अब कई अन्य राज्यों में फैनी तूफान का कहर शुरू हो गया है। तो कहीं चक्रवाती तूफान से प्रदेशवासियों को गर्मी से राहत मिल रही। राजधानी भोपाल में दो दिन से अधिकतम तापमान 42 डिग्री के नीचे चल रहा है जो 44 डिग्री के करीब पहुंच गया था। रात को तेज हवा चलने से मध्यप्रदेश के कई जिलों का मौसम सुहाना बना है।
फैनी तूफान के असर से मौसम बदला
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक एसके नायक के अनुसार तूफान फैनी के कारण पूर्वी मप्र और दक्षिणी छत्तीसगढ़ से होते हुए एक ट्रफ लाइन का विस्तार हो रहा है। कई राज्यों में तबाही का सबब बना फैनी तूफान भोपाल में हावी नहीं हो सका। असर के रूप में केवल बादल छाए रहे। उत्तरी राजस्थान से ग्वालियर, सागर, सतना आदि जिलों से होते हुए पुरी तक एक ट्रफ लाइन के गुजरने से राजधानी में दोपहर बाद मौसम में बदलाव आया है।
कहीं बादल तो कहीं हल्की बूंदाबांदी की आशंका
मौसम वैज्ञानिक के अनुसार 24 से 48 घंटे तक प्रदेश में ट्रफ का असर रहेगा। ऐसे में राजधानी में भी बादल छाए रहने की आशंका है। अधिकतम तापमान 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही रहेंगे। कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। 25 से 30 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
राजधानी में मौसम का तापमान
मौसम विज्ञान केंद्र में दर्ज आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार को राजधानी में अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक था। गुरुवार की तुलना में इसमें 0.2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। न्यूनतम तापमान 28.0 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य तापमान से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक था। गुरुवार की तुलना में इसमें 0.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
फैनी तूफान का मध्यप्रदेश में असर
सतना जिला सहित विंध्य क्षेत्र में शुक्रवार की दोपहर के बाद फैनी तूफान का असर साफ तौर पर देखा गया। 3 बजे के बाद पहले धूप फिर छांव और 4 बजे के बाद अचानक झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश का ये सिलसिला सतना शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 1 से 2 घंटे तक चला। शहर में तो नगर निगम के दावों की बारिश ने पोल ही खोल दी।
कई जगह गिरे पेड़-पौधें
आंधी-तूफान के साथ अचानक आई बारिश से कई जगह पेड़-पौधों के गिरने की खबर भी आ रही है। किसानों के खेतों पर खुले में रखी गेहूं की फसल पूरी तरीके से नष्ट हो गई है। वहीं सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं के खरीदी केन्द्रों पर हुआ है। कहते है हजारों क्विंटल गेहूं के बारदाने पानी में फीग गए है। करोड़ों का नुकसान सीधे तौर पर शासन-प्रशासन को भी हुआ है।
पहले से थी बारिश की आशंका
मौसम विशेषज्ञों ने पहले ही आशंका जताई थी कि 48 घंटों में होशंगाबाद, बैतूल, छिंदवाड़ा, रायसेन, नरसिंहपुर, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, दमोह, सतना, रीवा, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला और बालाघाट में आंधी, बारिश और ओले की संभावना है।
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