17 साल पहले शिफ्ट हो गया इज्तिमा, बोर्ड पर आज भी यहीं आयोजन
भोपाल। आलमी तब्लीगी इज्तिमा का आयोजन पहले ताजुल मसाजिद में होता था। इसमें शिरकत के लिए आने वालों की संख्या को देखते 2002 से यानि 17 साल पहले ये ईटखेड़ी में शिफ्ट कर दिया गया। बावजूद इसके ताजुल मसाजिद में पुरातत्व का जो बोर्ड लगा है उसके तहत इज्तिमा का आयोजन आज भी वहीं हो रहा है। इसमें सुधार नहीं किया गया।
जानकारों के मुताबिक आलमी तब्लीगी इज्तिमा का आयोजन 2001 तक ताजुल मसाजिद में हुआ करता था। इसमें शिरकत के लिए आने वालों की संख्या को देखते हुए इज्तिमा स्थल ईटखेड़ी घासीपुरा में शिफ्ट हो गया। करीब 17 सालों से ये समागम वहीं चल रहा है। आने वाले लोगों की तादाद लगातार बढ़ती जा रही है।
बोर्ड के मुताबिक यहीं पर अब भी समागमताजुल मसाजिद के बारे में बताने पुरातत्व ने जो बोर्ड लगाया उसके तहत ये आयेाजन आज भी यही हो रहा है। बोर्ड पर लिखे रिकार्ड में कोई बदलाव नहीं किया गया। इस ओर किसी ने ध्यान भी नहीं दिया। जानकारों के मुताबिक शहर की खासियत जानने आने वाले सैलानियों के लिए इससे सही संदेश नहीं जा रहा है। बताया गया कि इसकी बजाय आलमी तब्लीगी इज्तिमा यहां होता है ये लिखा जाना चाहिए।
इज्तिमा से निकले कचरे से बन रही गैस
लाखों जमातियों की मौजूदगी और इनके लिए तैयार होने वाले खानपान के पदार्थों से निकलने वाले ग्रीन कचरे को गैस बनाने के काम में लिया जा रहा है। इज्तिमागाह पर इसके लिए प्लांट लगाया गया है। कचरे के निष्पादन के लिए किए जाने वाले इस प्रयास से ग्रीन और क्लीन इज्तिमा की अवधारणा को पूरा करना आसान हो गया है।
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