श्रीलंकाई निवेशक बनाएंगे एमपी में बौद्ध म्युजियम, सीएस ने दी हरी झंडी - Web India Live

Breaking News

श्रीलंकाई निवेशक बनाएंगे एमपी में बौद्ध म्युजियम, सीएस ने दी हरी झंडी

भोपाल। कमलनाथ सरकार ने श्रीलंकाई निवेशकों को मध्यप्रदेश में बौद्ध म्युजियम बनाने की हरी झंडी दे दी है। सांची महाबोधि सोसायटी ऑफ श्रीलंका के अध्यक्ष वेनेगला उपथिसा नायक थैरो ने मुख्य सचिव एसआर मोहंती से मुलाकात की। इसके सौ करोड़ के निवेश को मंजूरी दे दी है। इसके तहत बौद्ध म्युजियम के साथ ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट भी बनेगा, जो विश्वभर के बौद्ध धर्म को मानने वालों को बौद्ध धर्म संबंधित प्रशिक्षण देगा।

बौद्ध धर्म पर राष्ट्रीय कार्यशाला में भाग लेने के लिए भोपाल आए नायक थैरो इस प्रोजेक्ट के लिए मुख्य सचिव से मिलने पहुंचे थे। अध्यात्म विभाग के प्रमुख सचिव मनोज श्रीवास्तव ने नायक थैरो की सीएस से मुलाकात की। इस दौरान सीएस ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी देने के साथ बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रचार के लिए भी इस म्यूजियम व ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट को काम करने की बात कही। इस दौरान पूरा प्रोजेक्ट भी डिस्कर्श किया गया। इस प्रोजेक्ट के लिए नायक थैरो व उनकी संस्था ही पूरी फंडिंग देंगे।

बनेगा म्यूजियम डिजाइन-

वर्तमान में बौद्ध म्युजियम प्रोजेक्ट को ग्लोबल-विजन के आधार पर बनाया गया है। इस प्रोजेक्ट के आधार पर अब म्यूजियम का डिजाइन तैयार किया जाएगा। इस डिजाइन में म्यूजियम, योग-सेंटर, ट्रेनिंग सेंटर, रिसर्च सेंटर, बौद्ध-आर्ट गैलरी, फिलॉसिपी ऑफ बुद्धिज्म सेंटर सहित अन्य भवनों के डिजाइन बनेंगे। इसमें अन्य सुविधाओं को लेकर भी पूरा रोडमैप तैयार होगा।

बुद्धिज्म पर आरंभ से अब तक-

बौद्ध धर्म के आरंभ से लेकर अब तक की यात्रा को इस म्युजियम व ट्रेनिंग सेंटर में रखा जाएगा। इसके तहत बौद्ध धर्म की भारत में उत्पत्ति से अब तक, श्रीलंका में बौद्ध धर्म, म्यांमार सहित अन्य देशों में बौद्ध धर्म के आरंभ से अब तक के सोपानों को यहां बताया जाएगा। इसमें बौद्ध धर्म के प्रारंभ से लेकर आधुनिक काल और भविष्य के विस्तार कार्यक्रमों तक पर काम होगा। बौद्ध धर्म पर रिसर्च से लेकर विस्तार तक के लिए यहां काम होंगे।

कमर्शियल मॉडल व रेवेन्यु फार्मूला-

इस म्युजियम को कमर्शियल मॉडल पर तैयार किया जाएगा। इसके तहत म्युजियम में कमर्शियल काम्पलेक्स होगा, जिसमें विभिन्न दुकानों से लेकर शॉपिंग सेंटर और होटल व डाइनिंग एरिया तक रहेंगे। इसके अलावा मनोरंजन पार्क और पर्यटन स्थल भी विकसित किए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट के आस-पास के क्षेत्र को भी कमर्शियल मॉडल पर ही विकसित किया जाएगा। ग्लोबल टूरिज्म की संभावना ज्यादा होने के कारण इस इलाके को ग्लोबल थीम पर बनाया जाएगा, ताकि टूरिज्म से रेवेन्यु भी मिल सके। स्थापना के बाद यह टूरिज्म रेवेन्यु से ही संचालित होगा।

इनका कहना-

हमारी सरकार बौद्ध म्युजियम तैयार करेगी, इस प्रोजेक्ट पर अभी काम चल रहा है। बौद्ध धर्म को मानने वाले भारत से लेकर विदेशों तक है, इस कारण बौद्ध म्युजियम बनने पर मप्र में ग्लोबल टूरिज्म भी बढ़ेगा। इससे राज्य को वैश्विक पटल पर पहचान बढ़ाने के साथ राजस्व का भी फायदा होगा।

- पीसी शर्मा, मंत्री, अध्यात्म विभाग, मप्र

मध्यप्रदेश सरकार बौद्ध म्युजियम बना रही है, इस प्रोजेक्ट के लिए पीपीपी मोड पर काम होगा। इसके लिए वेनेगला उपथिसा नायक थैरो ने मुख्य सचिव से मुलाकात की है। इस प्रोजेक्ट पर सहमति बन गई है। यह प्रदेश के लिए बड़ा प्रोजेक्ट होगा। - मनोज श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव, अध्यात्म विभाग, मप्र



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2OVJoc9
via

No comments