अब निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना से नहीं होगी सिजेरियन डिलेवरी

भोपाल। कोरोना संक्रमण के दौरान आम लोगों में फैले मंहगे इलाज के डर को देखते हुए आयुष्मान भारत निरामयम सोसाइटी ने सभी पैकेज को सभी अस्पतालों के लिए खोल दिया था। 23 मई 2020 को जारी आदेश के अनुसार आयुष्मान योजना में चिन्हित सभी प्रकार के पैकेज से निजी और सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने की छूट दी गई थी। लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा। सरकारी अस्पतालों के लिए आरक्षित 198 पैकेज (एचबीपी 2.0 के अनुसार 198 पैकेज) से अब निजी अस्पतालों में उपचार नहीं मिल सकेगा।
सरकारी रिजर्व पैकेज में सिजेरियन डिलेवरी, मोतियाबिंद (कैट्रेक्ट)के ऑपरेशन, सर्दी- जुकाम, डेंगू, चिकनगुनियां, मलेरिया, डायरिया, डिहाइड्रेशन के साथ ही एसएनसीयू से संबंधित पैकेज से अब सरकारी अस्पतालों में ही उपचार हो सकेगा। सरकारी अस्पतालों के लिए 198 पैकेज (एचबीपी 2:0 के अनुसार 198 पैकेज) आरक्षित हैं।
उज्जैन में बच्चादानी कांड के बाद आरक्षित कर दिए गए थे पैकेज
वर्ष 2020 में उज्जैन के एक निजी अस्पताल में बड़े पैमाने पर महिलाओं के ऑपरेशन कर बच्चेदानी निकाले जाने का मामला सामने आने के बाद हिस्टेक्टॉमी यानि बच्चेदानी के ऑपरेशन वाले पैकेज को आयुष्मान योजना में सरकारी अस्पतालों के लिए आरक्षित कर दिया गया था। अब कोरोना की रफ्तार धीमी होने के साथ ही ओपन फोर ऑल पैकेज को फिर सरकारी के लिए रिजर्व किया गया है।
कार्डधारी मरीजों को सरकारी में भेजेंगे निजी अस्पताल
आयुष्मान भारत निरामयम मप्र की सीईओ डॉ. सलोनी सिडाना द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कोरोना संकट को देखते हुए सरकारी अस्पतालों के रिजर्व पैकेज ओपन किए गए थे। अब गवर्नमेंट रिजर्व पैकेज से संबंधित बीमारियों के आयुष्मान कार्डधारी मरीज यदि निजी अस्पताल में आते हैं तो उन्हें सरकारी अस्पतालों में रेफर किया जाए। ताकि उनका निशुल्क उपचार आयुष्मान के पैकेज से हो सके।
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