बच्चों को बुनियादी शिक्षा देने मास्साब को पढ़ाएगी सरकार
भोपाल. प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू करने की तैयारी कर ली गई है। जैसे ही कोरोना की आपदा से राहत मिलेगी और स्कूल फिर से सामान्य रुप से खुलेंगे तभी से नई शिक्षा नीति लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नीति में बचपन और बुनियादी शिक्षा पर फोकस किया गया है। बच्चों को शुरुआती दौर में बच्चे बनकर ही पढ़ाई करवाई जाएगी, ताकि शिक्षा रोचक और मनोरंजक लगे। इसके लिए शिक्षकों को प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा देने के लिए ट्रेनिंग शुरू हो रही है। ऑनलाइन कोर्स के जरिए शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाने तैयार किया जाएगा। पहले चरण में भोपाल समेत पांच जिलों के स्कूलों के शिक्षकों को ये कोर्स कराया जा रहा है। पांच अप्रेल से पहला कोर्स शुरू होगा।
पांच कोर्स तैयार
पहला कोर्स पांच अप्रेल से शुरू होगा। 15-20 दिन बाद दूसरा कोर्स शुरू किया जाएगा। शिक्षक दीक्षा एप के जरिए प्रशिक्षण ले सकेंगे। बुनियादी साक्षरता कोर्स का कैलेंडर तैयार किया गया है। 23 अप्रेल को साक्षरता के सिद्धांत, 13 मई को मौखिक भाषा विकास प्रथम, 2 जून को मौखिक भाषा विकास द्वितीय, 18 जून को पढऩे को कौशल का विकास, 2 जुलाई को पढ़कर समझने का कोर्स किया जाएगा।
यहां से श्रीगणेश
प्रशिक्षण के पहले चरण में भोपाल, छिंदवाड़ा, सागर, शहडोल और सीहोर जिले को शामिल किया गया है। 1500 स्कूलों के 1500 शिक्षक ट्रेनिंग लेंगे। कक्षा एक से पांचवीं तक के शिक्षक इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होंगे। नई शिक्षा नीति में तीन साल से बच्चों की पढ़ाई शुरू करने की बात कही गई है। इसीलिए बच्चे को खेल-खेल में पढ़ाई कराया जाना जरुरी है। इसमें देखभाल और शिक्षा को समायोजित किया गया है ताकि बच्चे में सीखने की बेहतर नींव तैयार हो।
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