भूमाफियाओं की हिमाकत: थाने की जमीन ही घेर ली, सरकारी जमीन पर काट दिए प्लॉट
भोपाल. कोरोना काल में एक और जहां बड़ी संख्या में आबादी महामारी से जुझ रही थी। भू माफिया ने इसका जमकर फायदा उठाया। भू माफिया बाबू बंजारा ने नगर निगम की ओर से कोकता में थाने के लिए आरक्षित की गई सरकारी जमीन पर ही कब्जा कर दुकानें बना दीं। वहीं, सेवनिया ओमकारा में माफिया शैतान सिंह ने चार एकड़ जमीन की घेराबंदी कर डाली। यही नहीं हुजूर तहसील में ही कई स्थानों पर पेड़ों को काटकर तार फेंसिंग कर ली गई। ऐसे एक नहीं करीब 30 से ज्यादा कब्जों को प्रशासन ने कोरोना की पहली और दूसरी लहर के बाद जमींंदोज किया। इसके बाद भी सर्किलों में अपडेट हो रही सूची में 32 नाम और सामने आए हैं। जिनमें कार्रवाई होना शेष है। इसमें कुछ पुराने और कुछ नए माफियाओं के नाम शामिल हैं, इनमें से कुछ हिस्ट्रीशीटर भी हैं। सरकारी जमीनों को प्रशासन ने अब अलग से चिह्नित करना शुरू कर दिया है। जिससे सरकारी नक्शों पर वे अलग से देखी जा सकें।
कोरोना की पहली लहर में हुए कब्जे
12 मार्च: चौपड़ा गांव में 12 एकड़ भूमि पर नूरिन रजा की तरफ से किए गए अवैध कब्जे को हटाया गया। इसी दिन कुख्यात सटोरिया जहूर के टीला जमालपुरा स्थित अवैध मकान को ढहाया गया।
15 मार्च: ग्राम मुगालिया कोट में 10 एकड़ पट्टे की जमीन पर 270 अवैध प्लॉटिंग कर बेचा जा रहा था। शिकायत के बाद प्लॉटिंग को हटाया गया।
16 मार्च: ट्रांसपोर्ट नगर कोकता में ही नगर निगम की तरफ से आरक्षित की गई थाने की जमीन को ही साठगांठ कर भू माफिया बाबू बंजारा ने घेर लिया। कार्रवाई कर हटाया।
17 मार्च: सेवनिया ओमकारा में सेंट स्वीट्स कॉलोनाइजर द्वारा 10 एकड़ जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किया गया। माफिया मांगी लाल और शैतान सिंह ने भी 4 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा किया।
18 मार्च: भू माफिया खूबचंद कुशवाहा, फैजान बिल्डर की तरफ से ओमकारा तारा सेवनिया में कब्जा कर प्लॉटिंग की गई।
अवैध कब्जों पर पूर्व में भी कार्रवाई हुईं हैं। कई बड़े अतिक्रमण हटाए भी गए हैं। आगे भी कार्यवाही लगातार जारी रहेगी।
अविनाश लवानिया, कलेक्टर
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