जगह-जगह डायवर्सन से डेढ़ किमी की दूरी तय करने में लगते हैं 15-20 मिनट
भोपाल. हबीबगंज स्टेशन से निकलकर बोर्ड ऑफिस तक पहुंचने में पहले आपको 5 मिनट से भी कम समय लगता था, लेकिन अब इसी रास्ते को तय करने में वाहन चालकों को 15 से 20 मिनट तक परेशान होना पड़ रहा है। लगभग डेढ़ किलोमीटर की ये दूरी एक साथ कई निर्माण कार्यों के चलते बेतरतीब ट्रैफिक डायवर्सन का शिकार हो चुकी है।
निर्माण एजेंसियों एवं ट्रैफिक व्यवस्था के बीच बिगड़े हुए तालमेल की सजा यहां हजारों नागरिक झेल रहे हैं। यहां आए दिन निर्माण एजेंसियां अपने हिसाब से बीआरटीएस पर ट्रैफिक ब्लॉक कर देती हैं जिससे वाहन चालकों को प्रतिदिन मौके पर पहुंचकर पता चलता है कि आज इस रास्ते से नहीं दूसरे रास्ते से जाना है। पीडब्ल्यूडी ने फ्लायओवर बनाने के लिए बीआरटीएस की मिक्स लेन के एक हिस्से को पूरी तरह से बंद कर दिया है। मानसरोवर कॉम्प्लेक्स से बोर्ड ऑफिस जाने के लिए बीआरटीएस की डेडिकेटेड लेन का इस्तेमाल किया जा रहा है। बोर्ड ऑफिस से मानसरोवर कॉम्प्लेक्स एवं हबीबगंज स्टेशन की ओर आने के लिए मिक्स लेन केवल प्रगति पेट्रोल पंप तक चालू है। इसके बाद आगे शराब दुकान के सामने से वाहनों को डेडिकेटेड लेन में एंट्री दी जा रही है। इस प्रकार आमने सामने से आने वाले भारी वाहन यहां पर प्रतिदिन फंस जाते हैं। वाहन चालकों के अलावा ट्रैफिक पुलिस भी इससे परेशान है। तमाम कोशिशों के बावजूद यहां कोई व्यवस्था नहीं बन पा रही है।
यह हैं दूसरे विकल्प
ठ्ठ हबीबगंज स्टेशन से बोर्ड ऑफिस जाने के लिए आरटीओ कार्यालय के सामने से 7 नंबर मार्केट होकर 6 नंबर मार्केट के सामने से ट्रैफिक को डायवर्ट किया जा सकता है। इस प्रकार यह वाहन व्यापमं चौराहे तक आसानी से पहुंच जाएंगे।
ठ्ठ इसी प्रकार बोर्ड ऑफिस से हबीबगंज स्टेशन की तरफ आने वाले वाहनों को चेतक ब्रिज से हबीबगंज स्टेशन प्लेटफार्म नंबर 6 एवं नर्मदा क्लब के रास्ते पर डायवर्ट किया जा सकता है। इससे होशंगाबाद रोड पर आने वाला ट्रैफिक डायवर्ट हो जाएगा एवं वाहनों का दबाव घट जाएगा।
हमेशा निर्माण एजेंसियों की जरूरत के हिसाब से ही ट्रैफिक डायवर्ट किए जाते हैं। प्रतिदिन की व्यवस्था बनाने के लिए भी मौके पर बल तैनात है। इसे और बेहतर करने का प्रयास जारी है।
संदीप दीक्षित, एएसपी, ट्रैफिक
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