जंगल बचाने बनाई नई रेंज, दो महीने में पदस्थ नहीं हुआ स्टाफ
भोपाल. वन मण्डल भोपाल की तीसरी रेंज के रूप में नजीराबाद का गठन तो कर दिया गया है, लेकिन रेंज बनने के दो महीने बाद भी इसमें अधिकारी और कर्मचारी पदस्थ नहीं हो पाए है। दरअसल मण्डल में कर्मचारियों की कमी का असर इस रेंज पर भी दिख रहा है।
भोपाल वन मण्डल में समरधा, भोपाल और बैरसिया रेंज थी। इनमें सबसे बड़ी रेंज बैरसिया में से 27 बीट को निकालकर नई रेंज बनाई गई। नई रेंज नजीराबाद का इलाका 17 वर्ग किलोमीटर का है। लेकिन इस रेंज में अब तक न तो रेंजर पदस्थ किया गया है न ही नए कर्मचारी ही जोड़कर अमला ही पूरा किया गया है। रेंज में एक रेंजर, डिप्टी रेंजर और आठ से अधिक कर्मचारियों की कमी है।
नई रेंज इसलिए खोली गई थी कि अमले पर दबाव कम होगा, अवैध कटाई बंद होगी और शिकार रुकेगा। लेकिन रेंजर अभी तक पदस्थ नहीं किया लेकिन अब तक रेंजर पदस्थ नहीं किया जा सका है। साथ ही कर्मचारियों की भी कमी है। इस पर विभाग को तत्काल निर्णय लेना चाहिए।
आमोद तिवारी, महामंत्री, वन कर्मचारी संघ
नजीराबाद में नई रेंज बनी है, वहां कर्मचारियों को तैनात करने की प्रक्रिया जारी है।
आलोक पाठक, डीएफओ, भोपाल
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