कर्ज की सीमा बढऩे का सहारा, केन्द्र की हरीझंडी का इंतजार
भोपाल। कोरोना संक्रमण नियंत्रण में आने के बाद भी राज्य की आय में अपेक्षाकृत इजाफा नहीं हुआ है। इसका असर विकास कार्यों पर पड़ रहा है। हालांकि विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं को जारी रखने के लिए सरकार कर्ज ले रही है, लेकिन यह नाकाफी है। सरकार की मंशा है कर्ज की सीमा बढ़ाए जाने की है। इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। केन्द्र से भी आग्रह किया गया है कि कर्ज की सीमा एक प्रतिशत बढ़ा दी जाए। जिससे स्थिति में सुधार हो सके।
राज्य की खजाने की स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि बजट से ज्यादा राज्य पर कर्ज का बोझ है। संकट यह है कि राज्य में आय के मुकाबले खर्चों में इजाफा हो रहा है। कोरोना संक्रमण काल में तो स्थिति और ज्यादा खराब हो गई। अधिकांश विभागों के बजट में कटौती कर कोरोना संक्रमण रोकने और इलाज में राशि खर्च करना पड़ी। वहीं सरकार को मिलने वाले विभिन्न प्रकार के टेक्स में भी कमी आई क्योंकि कोरोनाकाल में लोगों की वित्तीय स्थिति पर भी फर्क पड़ा था। वहीं सरकार ने विभिन्न प्रकार की रियात दी, इसका असर भी खजाने पर पड़ा। अब स्थिति में सुधार है लेकिन इसमे वैसा सुधार नहीं हुआ जैसी उम्मीद की जा रही थी। इसलिए कर्ज लेकर काम चलाया जा रहा है।
10 हजार करोड़ का अतिरिक्त कर्ज ले सकेंगे -
केन्द्र ने यदि कर्ज की सीमा में एक प्रस्ताव का इजाफा कर दिया तो राज्य सरकार दस हजार करोड़ रुपए अतिरिक्त कर्ज ले सकेगी। इससे राज्य को काफी हद तक राहत मिलने की संभावना है।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/39I6XjD
via
No comments