कमी के चलते स्कूल ने कर दिया था एडमिशन से इनकार, डॉक्टर बनकर कई बच्चों के लिए बनी मददगार - Web India Live

Breaking News

कमी के चलते स्कूल ने कर दिया था एडमिशन से इनकार, डॉक्टर बनकर कई बच्चों के लिए बनी मददगार

शकील खान
भोपाल. सपनों को सच करने का हौसला हो तो रास्ते खुद व खुद बन जाते हैं। यह साबित किया है डॉक्टर सपना सिंह ने। बचपन में उनके दोनों पैर विकसित नहीं हो पाए। इस कारण चलने में परेशानी है लेकिन कॅरियर की रेस में सबसे आगे हैं। संघर्ष के दम पर न केवल चिकित्सक बनी बल्कि दूसरे दिव्यांग बच्चों को ठीक करने की कोशिश के साथ समाज की मुख्यधारा में लाने की कोशिश में जुटी हैं। वर्तमान में सपना सागर जिले में काम कर रही हैं। एक आडियोलॉजिस्ट के रूप में पहचान हैं। अब तक सैकड़ों दिव्यांगों का सहारा बन चुकी हैं। वर्तमान में जो मुकाम है वहां तक पहुंचने के लिए लंबा संघर्ष रहा है। स्पेशल चाइल्ड के रूप में जन्मी सपना बताती हैं संघर्ष की शुरुआत आठ साल की उम्र से हो गई थी। जब सागर जिले में किसी भी स्कूल ने दाखिला देने से इंकार कर दिया। दस साल की उम्र में कक्षा एक में किसी तरह एडमिशन मिल पाया। डॉक्टर बनने का सपना था लेकिन पीएमटी काउंसलिंग के दौरान दस्तावेज खो गए जिस कारण मौका हाथ से निकल गया। इसके बाद भविष्य निधि सेंटर में जॉब शुरू किया। लेकिन अपने सपनों को बरकरार रखा। कई परेशानियां उठाते हुए सागर छोड़ भोपाल और नागपुर से नैचुरोपैथी का कोर्स कर एेसे दिव्यांगों की मदद में जुट गई जिन्हें जिन्हें सुनने बोलने में दिक्कत है।

जागरूकता बढ़े तो देशभर में कम हो सकती है विकलांगता, उसी का प्रयास कर रही हूं मैं
इन्होंने बताया कि वर्तमान में अभिभावकों में जागरूकता की कमी है। बच्चों में पैदाइश से किसी एक अंग में कमजोरी के कुछ मामले होते हैं। ये विकलांगता में दो प्रतिशत हैं। इसी का वे शिकार हुई थी। अभिभावक अगर शुरू में दिव्यांगता के मामलों में ध्यान दें तो काफी हद तक मामले कम हो सकते हैं।

अपने शहर से शुरुआत
सपना ने बताया कि छोटे जिलों में दिव्यांगता को लेकर आम लोगों में जागरूकता की कमी है। इसी को देखते हुए काम की शुरुआत सागर जिले से ही की और क्लीनिक खोला।

मिल चुके हैं कई अवॉर्ड
इस क्षेत्र में सपना को अब तक कई अवॉर्ड मिले चुके हैं। सामाजिक संगठनों की ओर से दिव्यांगता के क्षेत्र काम करने पर इन्हें सम्मानित किया गया।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3h77S1g
via

No comments