बैंक अफसर बन करते थे ठगी, सोशल मीडिया प्रोफाइल से चुनते थे 'शिकार'
भोपाल. बैंक अफसर बनकर लोगों से रुपए ऐंठने वाले एक जामताड़ा गैंग के मास्टर माइंड को भोपाल क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। उसके साथी पहले ही पकड़े जा चुके हैं। उन्हीं की निशानदेही पर अब पुलिस ने मुख्य आरोपी को पश्चिम बंगाल से हिरासत में लिया है। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने गुर्गों की मदद से तीन साल से बैंक का फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था। केवायसी अपडेट करने के नाम पर लोगों से रुपए ऐंठते थे। जामताड़ा गैंग का मास्टर माइंड मोहम्मद परवेज आलम बीकॉम पास है। उसके पास से सौ से ज्यादा फर्जी बैंक खातों की पासबुक मिली हैं। आरोपी सोशल मीडिया से अपना शिकार चुनते थे।
भोपाल के अमरदीप श्रीवास्तव के साथ आरोपियों ने 10.40 लाख रुपए की ठगी की थी। क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसमें सामने आया कि आसनसोल निवासी परवेज आलम ने अमरदीप से खुद को एसबीआइ का अधिकारी बनकर बैंक खाते का केवायसी अपडेट करने के नाम से फोन किया था। जिसमें फरियादी का खाता नंबर, एटीएम कार्ड नंबर व ओटीपी पूछकर खाते से 27 बार में 10 लाख 40,320 रुपए ठग लिए थे। पुलिस जांच में पता चला कि ठगी की रकम आठ बैंक खातों में जमा हुई है।
ऐसे हासिल की थी जानकारी
परवेज ने पूछताछ में बताया कि वह और उसकी गैंग सोशल मीडिया फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम आदि का प्रोफाइल देखकर ठगी करने के लिए व्यक्ति का चयन करते थे। फिर अलग-अलग नंबर्स से बैंक अफसर बनकर फोन करते थे। केवायसी अपडेट करने के नाम पर ओटीपी लेते थे और पीडि़त के खाते की रकम अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर लेते थे।
एचडीएफसी, आइसीआइसीआइ में खाते
आरोपी एचडीएफसी और आइसीआइसीआइ बैंक के खातों का उपयोग करते हैं। इसकी वजह उन्होंने यह बताई कि इन बैंकों के एटीएम से अन्य बैंको की तुलना में ज्यादा राशि आती है। ठगी के लिए आरोपी बैंक खाते गांव के लोगों से किराए पर लेते थे।
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