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सरकारी राशन दुकानों से बांटा जा रहा प्लास्टिक का चावल, मच गया हड़कंप

भोपाल/दमोह। जिले में दीपावली पर राशन दुकानों में जो चावल वितरित हो रहा है, उसमें कुछ दाने प्लास्टिक के दाने ग्रामीणों द्वारा बताए जा रहे हैं। यहां तक राशन दुकानों के सेल्समैन भी इन दानों को प्लास्टिक का बताते हुए सेंपलिंग कराए जाने की मांग कर रहे हैं। इधर नागरिक आपूर्ति निगम प्रबंधक इसे फोर्टिफाइड राइस पौष्टिक बता रहे हैं।

दमोह के ग्रामीण क्षेत्रों में रियाना, हलगज, हिनौती गांवों में दीपावली के पूर्व चावल का वितरण कराया गया है। राशन उपभोक्ताओं को मिले इस चावल में कुछ दाने अलग से दिख रहे हैं, जिन्हें देखने में प्लास्टिक जैसी स्थिति नजर आती है। जिसको लेकर ग्रामीणों ने कुछ युवाओं को यह चावल दिखाए यहां तक की सेल्समैन भी इन चावल के दानों को प्लास्टिक का मान रहे है। सेल्समैनों के अनुसार एक क्विंटल में दो किलो तक प्लास्टिक जैसे दाने दिखाई दे रहे हैं।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बांटे गए चावल में प्लास्टिक के दानों को लेकर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इन दानों को फोर्टिफाइड राइस पौष्टिक बताया है। सरकार सरकार को महिलाओं की सेहत की चिंता है। देश में हर दूसरी महिला में खून की कमी है और हर तीसरा बच्चा कुपोषित है। कुपोषण की इस गंभीर समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने एक अभियान फोर्टिफाइड चावल शुरू किया है। इसके तहत मिड डे मील और राशन की दुकान पर फोर्टिफाइड राइस दिया जा रहा है। जिसे खाने से शरीर के लिए जरूरी विटामिंस और पोषक तत्वों की कमी की पूर्ति होगी। इस चावल की पूर्ति के लिए जिला में संचालित राइसमिलों को सरकार द्वारा दाने उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह दाने चावल में मिलाए जा रहे हैं और आमजनों के बीच प्रचार-प्रसार नहीं किया गया।

 

फोर्टिफाइड चावल महिलाओं के लिए जरूरी, जानिए क्यों अलग है यह चावल

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क्या है फोर्टिफाइड राइस (what is fortified rice)

फोर्टिफाइड राइस का मतलब है, पोषणयुक्त चावल, इसमें आम चावल की तुलना में आयरन, विटामिन बी-12, फॉलिक एसिड की मात्रा अधिक होती है। इसके अलावा जिंक, विटामिन, विटामिन बी वाले फोर्टिफाइड राइस भी तैयार किए जा सकते हैं। इसे आम चावल में मिलाकर खाया जाता है। यह देखने में बिल्कुल आम चावल जैसे ही लगते है, लेकिन रंग में मामूली अंतर होता है। इसे मिल में तैयार किया जाता है। पहले सूखे चावल को पीसकर आटा बनाया जाता है, फिर उसमें सूक्ष्म पोषक तत्व मिलाए जाते हैं। उसके बाद पानी के साथ इन्हें सही तरीके से मिक्स कर मशीनों की मदद से सुखाकर इस मिश्रण को चावल का आकार दिया जाता है। फोर्टिफाइड चावल को 1 गुणा 100 के अनुपात में मिलाया जाता है। यानि 1 किलो चावल में 10 ग्राम फोर्टिफाइड राइस मिलाया जाता है।


प्लास्टिक का चावल नहीं वरन सेहत के लिए गुणकारी फोर्टिफाइड राइस है। हां इसे मुंह में रखने से स्वाद नहीं आता है, जिससे लोगों को प्लास्टिक का भ्रम हो रहा है। लोग भ्रमित न हो अभी राशन दुकानों में आया है, सरकार इसे बाजार में बिकने वाले चावल में भी उपयोग करने जा रही है।

-सीएल मूगढ़, प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम दमोह



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