CM शिवराज की 'संकल्प बैठक' : रामराज की परिकल्पना को साकार करने मंत्रियों और अफसरों को दिलाई शपथ
भोपाल. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दीपावली के मौके पर 'संकल्प बैठक' आयोजित की। सीएम की इस वर्चुअल बैठक में मध्य प्रदेश के सभी मंत्रियों के साथ साथ सभी विभागों के प्रमुख सचिव संचालक, सभी संभागायुक्त और आईजी शामिल हुए। इसके साथ ही, प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर, एसपी समेत जिला प्रशासन के अधिकारी भी बैठक में वर्चुअली शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बैठक में शामिल सभी मंत्रियों और अफसरों को भ्रष्टाचार क्लीन एमपी की शपथ दिलाई।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, दिवाली के दिन हमें संकल्प लेना है कि, बिना किसी परेशानी और समय सीमा पर जनता को योजनाओं का लाभ देंगे। प्रदेश कई कोशिशें कर रहा है, लेकिन दृढ़ संकल्पित होकर जो गड़बड़ी हो रही है, उन्हें हम ही को किसी भी हाल में रोककर खत्म करना है। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारी, कलेक्टर, कमिश्नर, आईजी, एसपी को सख्त निर्देश दिये कि, मिलकर करप्शन को जड़ से खत्म करना है। हमारा टार्गेट गुड गवर्नेंस है और हमें इसे किसी भी शर्त पर हासिल करना है।
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तुलसीदास जी की पंक्तियां सुनाकर दिया बड़ा संदेश
सीएम ने बैठक के दौरान अपनी बातचीत में कहा कि, लंका विजय करने के बाद दीपावली के दिन भगवान राम माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान जी के साथ अयोध्या लौटे थे। तब दीप जलाए गए थे। उस समय राम राज्य की कल्पना की थी। हम जो प्रयास कर रहे हैं, उन्हें और बेहतर करने के लिए हम क्या संकल्प ले सकते हैं। इसलिए आज दीपावली के संकल्प के लिए जोड़ा है। सीएम ने ये भी कहा कि, रामराज हमारा आदर्श है। सीएम ने इस दौरान तुलसीदास जी की 2 पंक्तियों भी दोहराईं। उन्होंने कहा कि, 'दैहिक दैविक भौतिक तापा। राम राज नहिं काहुहि ब्यापा।' हमारी कल्पना है, राम राज की जहां दैहिक, दैविक और भौतिक रूप से हम विकास करें, जनता को सारी सुविधाएं मिलें, यही हमारा प्रयास है।
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मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर चर्चा
इसके अलावा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि, मध्य प्रदेश की स्थापना दिवस पर 7 दिन अलग-अलग तरह के कार्यक्रम आयोजित होंगे। जिसमें 1 नवंबर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा, ताकि प्रदेश की जनता को गर्व महसूस हो सके। वहीं 2 नंवबर को लाडली लक्ष्मी उत्सव का आयोजन होगा। इसके तहत हर पंचायत में कार्यक्रम होंगे। लाडली लक्ष्मी उत्सव में 43 लाख बेटियों के परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसे भी हम सभी को मिलकर साकार करना है।
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