मध्यप्रदेश विधानसभा से नेहरू गायब, हंगामे के बाद सदन स्थगित
मंगलवार को विधानसभा सत्र का दूसरा दिन है। आज सरकार अनुपूरक बजट पेश कर सकती है। साथ ही विपक्ष की ओर से हंगामे के भी आसार हैं। विधानसभा में से देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की तस्वीर हटाकर उसकी जगह डा. बीआर अंबेडकर की फोटो लगा दी गई है। इससे विपक्षी दल कांग्रेस नाराज है और वो विरोध करने की तैयारी में है।
www.patrika.com पर देखिए विधानसभा का लाइव कवरेज...।
Live Updates
11.45 AM
विधानसभा की कार्यवाही कल सुबह तक के लिए स्थगित।
11.30 AM
सदन शुरू होने के बाद नेहरू की तस्वीर को लेकर हंगामा शुरू।
11.00 AM
सदन की कार्यवाही शुरू।
10.50 AM
सदन से नेहरू गायब, हंगामे के आसार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने भी जवाहरलाल नेहरू की फोटो को हटाकर बाबा साहब की फोटो लगाने के मामले में आपत्ति दर्ज की है। इधर, प्रोटेम स्पीकर गोपाल भार्गव से जब मीडिया ने पूछा तो कहा कि यह भाजपा और कांग्रेस का मुद्दा नहीं है।
10.41 AM
माना जा रहा है कि विधानसभा अध्यक्ष के चयन तक प्रोटेम स्पीकर गोपाल भार्गव सदन की कार्यवाही को संचालित करेंगे।
10.40 AM
विधानसभा की कार्यवाही को प्रोटेम स्पीकर आगे बढ़ा सकते हैं। क्योंकि सत्र के पहले दिन सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के लिए नरेंद्र सिंह तोमर ने अपना नामांकन फार्म भर दिया था। उनके नामांकन भरने के समय भाजपा के साथ ही कांग्रेस के दिग्गज नेता भी मौजूद थे। माना जा रहा है कि विपक्ष का साथ मिलने के बाद नरेंद्र सिंह तोमर निर्विरोध विधानसभा के अध्यक्ष चुने जाएंगे। चयन की प्रक्रिया 20 दिसंबर को होगी।
10.35 AM
विधानसभा सत्र का आज दूसरा दिन है। यह नई सरकार का पहला सत्र है। आज के सदन में सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी।
10.30 AM
नवनिर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण के दूसरे दिन विधानसभा में सदस्यों के पहुंचने का सिलसिला शुरू। 11 बजे शुरू होगा सदन।
इतिहास बदलने की साजिश
कांग्रेस विधायक अजय सिंह का कहना है कि भाजपा की तरफ से इतिहास बदलने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि डा. बाबा साहब अंबेडकर की फोटो का स्वागत है, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के योगदान को भी नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। उनकी तस्वीर सदन से हटाना गलत है।
विधानसभा के प्रमुख सचिव का बयान
इधर, इस मामले पर विवाद ब़ता देख विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह का बयान सामने सामने आया है। गिरीश गौतम की तरफ से खराब हुई तस्वीरों को बदलने का फैसला लिया गया था। इसके बाद डा. अंबेडकर की तस्वीर लगाने का फैसला उनका ही था।
एक दिन पहले सभी नवनिर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण हुआ। प्रोटेम स्पीकर ने सभी सदस्यों को शपथ दिलाई।
इससे एक दिन पहले सोमवार को 16वीं विधानसभा का पहला दिन था। सोमवार को प्रोटेम स्पीकर गोपाल भार्गव ने सदस्यों को शपथ दिलाई। हालांकि कार्यवाही के दौरान प्रक्रिया टूट गई। दरअसल, विधानसभा कार्य संचालन नियमों में शपथ ग्रहण की प्रक्रिया तय है। विधायकों को भेजी गई सूचना में भी इसका जिक्र किया गया है। सबसे पहले सदन के नेता यानी मुख्यमंत्री, फिर नेता प्रतिपक्ष, मंत्रिमंडल के सदस्य, सभापति तालिका के सदस्यों को शपथ लेनी थी। इसके बाद निर्वाचन क्षेत्र क्रमानुसार विधायकों को शपथ ग्रहण कराई जाना थी। सदन में इससे हटकर वरिष्ठता के आधार पर सदस्यों बुलाना शुरू कर दिया गया। सभापति तालिका सदस्यों को शपथ दिलाने के बाद शिवराज सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गीय, अजय सिंह, फिर जयंत मलैया का नाम पुकारा गया। वरिष्ठ विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम को 27वें नंबर और डॉ. सीतासरन शर्मा को 28वें नंबर पर शपथ के लिए बुलाया गया। उधर, सदन की परंपरा को कायम रखने की कवायद शुरू कर दी गई है। शुरुआत अध्यक्ष पद के चुनाव से होगी। अधिसूचना जारी होने के बाद भाजपा की ओर से नरेंद्र सिंह तोमर ने नामांकन दाखिल किया। कांग्रेस की ओर से किसी भी सदस्य ने नामांकन दाखिल नहीं किया। विधानसभा परिसर में भाजपा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। तय हुआ कि कांग्रेस की ओर से नामांकन नहीं भरा जाएगा। हालंाकि प्रस्ताव दिया गया कि उपाध्यक्ष का पद विपक्ष को दिया जाए। सदन की यह परंपरा रही है। कांग्रेस सदस्यों ने स्वीकारा कि कमलनाथ सरकार में परंपरा टूटी है, लेकिन अब नहीं टूटनी नहीं चाहिए। नामांकन की अंतिम तिथि मंगलवार दोपहर 12 बजे तक है। बुधवार 20 दिसंबर को अध्यक्ष का चुनाव होगा।
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