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दुबई अब भोपाल से दूर नहीं, इंडिगो तलाश रही इंटरनेशनल पैसेंजर

भोपाल. भोपाल एयरपोर्ट को केंद्र सरकार द्वारा इमीग्रेशन एवं कस्टम क्लीयरेंस मिलने के बाद एक बार फिर इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू करने की तैयारी शुरू हो गई हैं। इस बार इंडिगो एयरलाइंस ने भोपाल एयरपोर्ट से इंटरनेशनल यात्रा शुरू करने वाले हवाई यात्रियों के बीच एक सर्वे शुरू किया है। इसके तहत यात्रियों से पूछा जा रहा है कि वह किन-किन देशों के लिए महीने में कितनी बार यात्रा करते हैं। इसके लिए वह किन विमानन कंपनियां के फ्लाइट टिकट्स बुक करते हैं। यात्रियों से पूछा जा रहा है कि यदि भोपाल से दुबई के लिए डायरेक्ट फ्लाइट शुरू की जाती है तो इसको कैसा रिस्पॉन्स मिलेगा। माना जा रहा है कि इंडिगो एयरलाइंस अपने इस सर्वे के आधार पर समर शेड्यूल के अंत तक इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दुबई जाने वाली सीधी उड़ान को प्रयोग के तौर पर भोपाल से कनेक्टिविटी उपलब्ध करवा सकती है।

भोपाल में लेंड हो सकेगा बोइंग-777इंटरनेशनल फ्लाइट्स में अत्याधुनिक विमान बोइंग-777 का उपयोग होता है। बोइंग-777 अब भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर लैंड हो सकेगा। एयरपोर्ट रन-वे टर्नपैड को चौड़ा करने का काम पूरा कर लिया है। इस काम पर अथारिटी ने करीब सात करोड़ रूपये खर्च किए हैं। इससे भविष्य में भोपाल से संभावित इंटरनेशनल उड़ानों की राह भी आसान हो गई है। इंटरनेशनल रूट पर आमतौर पर बड़े बोइंग एवं जंबो विमान का संचालन होता है। बड़े विमानों को टेकआफ करते समय अधिक चौड़े रन-वे की जरूरत होती है। तकनीकी भाषा में इसे टर्नपैड कहा जाता है, यानी विमान मोड़ते समय रन-वे की चौड़ाई वाला हिस्सा ही टर्नपैड कहलाता है। एयरपोर्ट अथारिटी ने वर्तमान रन-वे के टेकआफ प्वाइंट के आसपास के हिस्से पर नया टर्नपैड विकसित किया है।

ग्लाइड पथ की दिशा बदलनी पड़ी

टर्नपैड चौड़ा करने के साथ ही इंस्ट्रूमेंट लेंडिंग सिस्टम (आइएलएस) को शिफ्ट कर दिया गया है। आइएलएस के साथ ही ग्लाइड पाथ की दिशा भी बदल दी गई है, इससे कम दृश्यता होने एवं खराब मौसम में भी विमानों की सुरक्षित लैंडिंग में मदद मिलती है। टर्नपैड का काम देखने एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया की एक टीम विशेष विमान से भोपाल पहुंची थी। टीम ने विशेष विमान को टर्नपैड से टेकआफ किया, ताकि यह पता चल सके कि कहीं कोई कमी तो नहीं है। टीम ने आइएलएस की दिशा की जांच भी की। टर्नपैड का काम शुरू होते समय एयरपोर्ट अथारिटी ने डीजीसीए से अनुमति लेकर नो-टम लागू किया था।

रन-वे टर्न पेड को चौड़ा करने का काम पूरा कर लिया गया है। इसके लिए परीक्षण भी किया गया जो सफल रहा। अब बड़े विमान आसानी से लैंड एवं टेकआफ हो सकेंगे।

रामजी अवस्थी, एयरपोर्ट डायरेक्टर



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